ओडिशा में शुक्रवार शाम को हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद अभी भी राहत बचाव कार्य जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेन हादसे में 288 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हैं। घायलों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों की संख्या भी बढ़ सकती है। इस हादसे के बाद रेल मंत्रालय में भी हड़कंप मचा हुआ है। रात से शुरू हुआ रहा बचाव कार्य अभी भी जारी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस हादसे में दुख जताया है। शुक्रवार शाम जब सबसे पहले ट्रेन हादसे की खबर आई तो मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरा गई है लेकिन थोड़ी देर बाद रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने मीडिया को बताया कि शाम करीब 7 बजे शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस के 10 से 12 डिब्बे बराबर वाली रेल ट्रैक पर गिर गए। कुछ देर बाद उस ट्रैक पर आ रही यशवंतपुर से हावड़ा जाने वाली ट्रेन इन डिब्बों पर चढ़ गई, जिस वजह से उसे भी 3-4 डिब्बे ट्रैक से उतर गए। रेलवे के मुताबिक कोलकाता-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा स्टेशन के पास डिरेल हो गई थीं। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पास के ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलटे और दूसरी तरफ से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन की भी कुछ बाोगियां पटरी से उतर गईं। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से भिड़ गईं। कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं। शनिवार सुबह रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। रेल मंत्रालय ने घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं। एनडीआरएफ की तीन टीमें और 20 से ज्यादा फायर सर्विस एंड रेस्क्यू टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। 1200 बचाव कर्मी मौजूद हैं। भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर 115 एम्बुलेंस, 50 बसें और 45 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स तैनात हैं।
एनडीआरएफ, राज्य सरकारों की टीम और एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर्स रेस्क्यू के लिए पहुंच गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भुवनेश्वर और कोलकाता से रेस्क्यू टीमें भेजी गई हैं।ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे पर दुख जताया। राज्य सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
ट्रेन दुर्घटना के बाद शनिवार को होने वाला गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस का इनॉगरेशन कार्यक्रम रद कर दिया गया है। रेल मंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के लिए 10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों के लिए दो लाख रुपए और अन्य घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मुआवजे का एलान किया है। वहीं पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए पीएम नेशनल रिलीफ फंड से मृतकों को दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है। वहीं तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम हादसे की जानकारी के लिए ओडिशा जा रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से बात की है। घटनास्थल पहुंचने के बाद ही मैं कोई जानकारी दे पाऊंगा। तमिलनाडु में भी स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार कर दिया गया है।