भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद व्यापार को मिलेगी और मजबूती : राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीन दिवसीय रूस के दौरे के बाद आज ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल हतामी से मुलाकात की।
इस बैठक को काफी सार्थक बताया गया है। राजनाथ सिंह ने इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर ईरान के रक्षा मंत्री से बात की है।
बता दें कि मास्को के सम्मेलन में भाग लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से भी मुलाकात थी।
सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के जवाब में भारत ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित कर रहा है। इसके रास्ते भारत न केवल अपनी सामरिक बल्कि आर्थिक हितों को भी साधेगा। वहीं, हाल ही में चीन ने ईरान के साथ अरबों डॉलर का सौदा किया था। ऐसे में अगर भारत चीन के खिलाफ ईरान को मना लेता है तो यह बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी। चाबहार पोर्ट के ऑपरेशनल हो जाने से भारत अपना कारोबार अफगानिस्तान और ईरान से कई गुना बढ़ा चुका है।
https://platform.twitter.com/widgets.jsHad a very fruitful meeting with Iranian defence minister Brigadier General Amir Hatami in Tehran. We discussed regional security issues including Afghanistan and the issues of bilateral cooperation . pic.twitter.com/8ZENfAgRPS
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 6, 2020
अब भारत की नजर इस बंदरगाह के जरिये रूस, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान से अपने व्यापार को बढ़ाना है। इसके जरिए हथियारों की खरीद के कारण रूस से बढ़ रहे व्यापार घाटे को भी कम करने में भारत को मदद मिल सकती है। साथ ही कट्टर शिया देश होने के कारण पाकिस्तान और ईरान के रिश्ते भी अच्छे नहीं है। ऐसे में ईरान के रास्ते भारत व्यापार के नए आयाम स्थापित करने की तैयारी में है। इससे भारी दबाव से गुजर रही ईरानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
Author: AK
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