सोम, अप्रैल 6, 2026

Dr Kafeel Khan: हाईकोर्ट से डॉ कफील की रिहाई के आदेश के बाद योगी को झटका, प्रियंका को मिला मौका

Dr Kafeel Khan
Dr Kafeel Khan released from Mathura jail following conditional bail granted to him by Allahabad High Court.
Dr Kafeel Khan released from Mathura jail

आज बात करेंगे उत्तर प्रदेश की राजनीति की । वैसे तो यूपी में समाजवादी पार्टी विपक्ष में है । लेकिन कुछ वर्षों से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी योगी सरकार के लिए विपक्षी नेता की आक्रामक अंदाज में भूमिका निभाते हुए राज्य की राजनीति में काफी सक्रिय हैं । प्रदेश की योगी सरकार के अधिकांश फैसलों पर प्रियंका ट्विटर के जरिए हमला बोलती रहती हैं । लेकिन आज इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद कांग्रेस महासचिव को योगी सरकार पर एक और हमला बोलने का मौका मिल गया है । आइए आपको बताते हैं कि हाईकोर्ट का वह फैसला, जिस पर प्रियंका गांधी ने आज ट्वीट कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और खास तौर पर मुस्लिम समुदायों में सुर्खियां बटोरी । हम बात कर रहे हैं डॉक्टर कफील खान की । जी हां यह कफील वही हैं जो वर्ष 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ थे । उस वर्ष गोरखपुर में बुखार (इंसेफेलाइटिस) से हुई बच्चों की मौत के मामले में योगी सरकार ने एक्शन लेते हुए कफील को निलंबित कर दिया था । कार्रवाई केेे बाद कफील योगी के निशाने पर थे । एनआरसी और सीएए के विरोध में एक रैली के दौरान डॉ कफील ने भड़काऊ भाषण दिया था । यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नागवार गुजरी और उन्होंने कफील पर रासुका के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भिजवा दिया था । तभी से वह मथुरा की जेल में बंद हैं । उनकी रिहाई के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कुछ दिनों पहले योगी सरकार पर हमला बोलते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की थी ।

अलीगढ़ में डॉक्टर कफील ने एनआरसी और सीएए के विरोध में दिया था भड़काऊ भाषण—

पिछले वर्ष के आखिरी महीनों में केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी लागू किए जाने के विरोध में देशभर में लोग प्रदर्शन कर रहे थे । ऐसा ही विरोध-प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में भी जारी था । प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और तोड़फोड़ के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर अपनाते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और भड़काऊ भाषण देने वाले आरोपियों पर सख्त कार्रवाई कर रही थी । उस दौरान उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ की मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सीएए और एनआरसी के विरोध में एक रैली के आयोजन के दौरान डॉक्टर कफील ने भड़काऊ भाषण दिया था । इस पर मुख्यमंत्री योगी ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए कफील पर रासुका (एनएसए) की कार्रवाई कर जेल में डाल दिया था । कफील छह महीनोंं से मथुरा जेल में बंद हैं । कफील पर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने विरोध जताते हुए सीएम योगी पर हमला बोला था । लेकिन प्रियंका गांधी इस मामले में मुखर होकर योगी सरकार पर हमला बोलती रहीं हैं । बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने कफील को न्याय दिलवाने की मांग करते हुए सीएम को पत्र लिखा था। उन्होंने योगी से कफील को जेल से रिहा किए जाने की मांग की थी । लेकिन योगी ने प्रियंका गांधी के पत्र को अनसुना कर दिया था ।

हाईकोर्ट के कफील से रासुका हटाने और रिहाई के आदेश दिए जाने पर योगी को लगा झटका—-

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज कफील के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को जबरदस्त झटका देते हुए उनकी रिहाई के आदेश दिए हैं, यही नहीं अदालत ने यह भी कहा है कि सरकार उन पर रासुका हटाते हुए तुरंत रिहा करे । बता देंं कि पिछले दिनों कफील की मां नुजहत परवीन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी । इससे पहले डॉ. कफील की पत्नी ने ट्विटर पर अपने पति की रिहाई को लेकर एक मुहिम भी चलाई थी, जिसे लोगों का काफी समर्थन मिला था । कफील खान के इलाहाबाद हाईकोर्ट से मंगलवार को रिहाई आदेश जारी होने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रसन्नता जाहिर की है। कफील की रिहाई के आदेश की सूचना के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने तत्काल ही ट्वीट किया। प्रियंका गांधी ने लिखा कि आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. कफील खान के ऊपर से रासुका हटाकर उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार डॉ कफील खान को बिना किसी विरोध के जल्द ही रिहा करेगी। उन्होंनेे कहा कि कफील की रिहाई के प्रयासों में लगे तमाम न्याय पसंद लोगों व प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ‘मुबारकबाद’ कहते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज भी कसा । सही मायने में कफील की रिहाई के आदेश के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को योगी सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका मिल गया है ।

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

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Author: AK

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