हिमाचल घूमने को हो जाएं तैयार,हिमाचल सरकार ने पर्यटकों के लिए जारी किए नए दिशा -निर्देश

लंबे समय से हिमाचल आने के इंतजार में बैठे सैलानी के लिए खुसखबरी है, गुरुवार से नए नियमों के तहत अब आप अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।
प्रदेश मंत्रिमंडल के दिशा-निर्देशानुसार आईटी विभाग ने ई-पास सॉफ्टवेयर में नए बदलाव किए हैं जिसके बाद गुरुवार से यह सॉफ्टवेयर काम करना शुरू कर देगा।
क्या होंगे नए नियम सैलानियों को हिमाचल आने के लिए टूरिस्ट कैटेगिरी में पंजीकरण करवाना होगा।
24 घंटे में अगर संबंधित जिला उपायुक्त ने आवेदन को मंजूर नहीं किया तो सॉफ्टवेयर खुद स्वीकृति जारी कर देगा।
कम से कम दो रात के यात्रा पर सैलानी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में घूम सकेंगे।
दस साल तक के बच्चों को कोरोना टेस्ट करवाने से भी छूट दी गई है।
सैलानी अब 96 घंटे पहले का आरटी-पीसीआर के अलावा ट्रूनॉट और सीबी नॉट टेस्ट की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट लेकर आ सकेंगे।
टैक्सी या निजी गाड़ी के चालक भी क्वारंटीन नहीं होंगे।
सरकार ने पांच दिन की बुकिंग वाली अवधि को घटाकर दो रात कर दी गई है। सैलानी 96 घंटे पहले करवाई गई कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट लेकर प्रदेश के बॉर्डर पर आने वालों को अनुमति होगी।
दस साल से कम आयु के बच्चों को जांच रिपोर्ट लेकर आने की शर्त को भी हटा दिया गया है लेकिन इससे अधिक आयु वालों को निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी।
इसके साथ ही पर्यटन निदेशक ने बताया कि अगर कोई सैलानी होटल आने पर कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो जिस कमरे में वो रह रहा था, उसे 24 घंटे के लिए सील कर दिया जाएगा। जिन क्षेत्रों में ऐसा सैलानी 48 घंटे पहले घूमा हैं। वहां भी सैनिटाइजेशन करनी होगी।
दूसरे राज्यों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए नियमों में बदलाव कर दिया गया है। प्रमुख सचिव राजस्व और आपदा प्रबंधन ओंकार चंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आने वालों को कोविड ई-पास के लिए आवेदन करने की व्यवस्था एक अगस्त से बंद की जा चुकी है। पंजीकरण की व्यवस्था सिर्फ इसलिए रखी है कि लोग अगर पॉजिटिव आते हैं तो उनकी ट्रेसिंग की जा सके। वहीं अगर कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण आना चाहता है तो उसका पंजीकरण सीमा पर तैनात जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर करेंगे।
कोविड हाई लोड सिटी से आने वालों को चिह्नित करने के लिए पंजीकरण की व्यवस्था जारी रखी गई है यहां अगर कोई भी व्यक्ति निगेटिव रिपोर्ट के साथ हिमाचल आता है तो उसे किसी तरह का क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था हिमाचल को कोविड के मामले में दूसरे राज्यों से काफी बेहतर बनाती है। सिर्फ पंजीकरण के लिए डीसी के पास किए गए आवेदन को मंजूर होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे जिसने कोरोना टेस्ट से लेकर बुकिंग व टैक्सी पर पैसा खर्च किया है उसे असुविधा नहीं होगी। सरकार ने पहले ही टेस्ट कराने से रिपोर्ट लेकर हिमाचल आने की समय सीमा को 96 घंटे कर दिया है।
Author: AK
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