राजधानी दिल्ली में 90वीं इंटरपोल महासभा की बैठक आज, करना पड़ सकता है भारी ट्रैफिक का सामना, घर से निकलने से बचें

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देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में आज 25 साल बाद 90वीं इंटरपोल महासभा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इंटरपोल महासभा का आयोजन 18 से 21 अक्तूबर तक किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि बैठक में इंटरपोल के 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इनमें मंत्री, देशों के पुलिस प्रमुख, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।
वहीं मिली जानकारी के अनुसार इस इंटरपोल महासभा में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है। सूत्रों के मुताबिक दो सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघीय जांच एजेंसी के महानिदेशक स्तर के अधिकारी करेंगे।
क्या है इंटरपोल

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन, जिसे आमतौर पर इंटरपोल के नाम से जाना जाता है। इसका मुख्यालय लियोन, फ्रांस में है। भारत समेत इसके कुल 194 सदस्य देश हैं। इसे दुनिया का सबसे बड़ा पुलिस संगठन माना जाता है। इसकी स्थापना 1923 में हुई थी, लेकिन तब इसे अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक आयोग कहा जाता था। साल 1956 स इसे इंटरपोल कहा जाने लगा। भारत 1949 में इंटरपोल का सदस्य बना था।
राज्य प्रायोजित आतंकवाद रोकने में बनानी है भूमिका
इस आयोजित बैठक को लेकर इंटरपोल के महासचिव जर्गेन स्टॉक ने सोमवार को कहा कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकने में इंटरपोल की कोई भूमिका नहीं है। इसका ध्यान साइबर अपराधियों, मादक पदार्थ के सौदागरों और बाल शोषण करने वालों पर अंकुश लगाने पर रहता है। इंटरपोल साधारण कानूनी अपराध पर केंद्रित है जो कि दुनियाभर में होने वाले अपराध का बहुसंख्य हिस्सा है। स्टॉक मंगलवार से शुरू हो रही इंटरपोल महासभा की चार दिवसीय बैठक के सिलसिले में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले चार दिनों में वैश्विक अपराध और उससे साझा तरीके से निपटने पर विमर्श किया जाएगा।
स्टॉक ने कहा कि इन दिनों संगठित अपराध के नए आयाम बड़ी चुनौती के रूप मेंं सामने आ रहे हैं। एक तरफ अपराधियों का अंतरराष्ट्रीय फैलाव तो दूसरी तरफ साइबर क्राइम हर देश मेंं सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। हम बाल शोषण करने वालों, दुष्कर्मियों, हत्यारों, ड्रग डीलरों, साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं जो अरबों कमाना चाहते हैं- यही इंटरपोल का फोकस है। स्टॉक ने कहा कि इंटरपोल की ओर से जारी रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। इंटरनेट अपने किसी सदस्य देश को रेड नोटिस जारी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए मजबूर नहीं करता।
रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल
इस आयोजन में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं। स्टॉक ने बताया कि हम मुख्य रूप से हमारे संविधान के अनुसार सामान्य कानून अपराध पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम बाल शोषण करने वालों, बलात्कारियों, हत्यारों, अरबों पैसा कमाने की चाहत रखने वाले मादक पदार्थ सौदागरों और साइबर अपराधियों के खिलाफ काम कर रहे हैं तथा इस पर इंटरपोल का मुख्य ध्यान है। दुनिया भर में ज्यादातर यही अपराध होते हैं, इसलिए इंटरपोल मौजूद है। महासचिव ने कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों के प्रतिनिधि भी महासभा में शामिल होने के लिए आ चुके हैं।
साल में एक बार होती है यह बैठक
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रतिनिधियों में सदस्य देशों के मंत्री, पुलिस प्रमुख, केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। महासभा इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय है। इसके कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए इसकी साल में एक बार बैठक होती है। बैठक में वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
25 साल बाद हो रही है भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक
भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 साल बाद हो रही है। पिछली बार भारत में यह महासभा 1997 में हुई थी। भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस बार की महासभा का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है। महासभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासर अल रईसी और उसके महासचिव महासचिव जुर्गन स्टॉक भी मौजूद रहेंगे। 21 अक्तूबर को इसके समापन समारोह को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे।
राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक प्रभावित, घर से निकलने से बचें

इस बैठक को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक इंटरपोल मीटिंग दौरान दिल्ली में कुछ जगहों का यातायात प्रभावित रह सकती है। ऐसे में अगर आप 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच दिल्ली जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो एक बार इन रास्तों के बारे में जरूर जान लें, ताकि आपको कहीं आने-जाने में परेशानी न झेलनी पड़े।
ये रास्ते हो सकते हैं प्रभावित

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार 18 से 21 अक्टूबर के दौरान प्रतिनिधियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए बाराखंभा रोड, सिकंदरा रोड, अशोक रोड, जनपथ, फिरोजशाह रोड,मथुरा रोड, भैंरो मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग, पंचशील मार्ग, शांतिपथ, महात्मा गांधी मार्ग, महर्षि रमण मार्ग, भीष्म पितामह मार्ग, सरदार पटेल मार्ग, धौला कुआं फ्लाईओवर, गुरुग्राम रोड, मेहराम नगर टनल, एरोसिटी और टी3 अप्रोच रोड पर गाड़ियों की संख्या को नियंत्रित किया जाएगा। इस बीच रूट डायवर्जन किया जा सकता है और ऐसे में आपको तमाम सड़कों पर तगड़ा जाम भी मिल सकता है। इसलिए अगर आप भी इन मार्गों से आने-जाने के बारे में प्लानिंग कर रहे हैं तो ठीक से विचार कर ले, ताकि किसी मुश्किल में न फंसें।
Author: AK
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