बाबा बद्रीनाथ धाम के कपाट भी पूरे विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले गए
JOIN OUR WHATSAPP GROUP
उत्तराखंड में स्थित बाबा बद्रीनाथ धाम के कपाट भी आज सुबह पूरे विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ मंदिर को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया। कपाट को खोलने के लिए तैयारी शनिवार से ही शुरू हो गई थी। अब श्रद्धालु अगले 6 महीने तक बाबा बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर में पहुंचे। वहीं श्री उद्धव जी की डोली मुख्य द्वार से अंदर लाई गई। रावल (मुख्य पुजारी) ने गर्भगृह में प्रवेश कर मां लक्ष्मी को मंदिर में विराजमान किया। इसके बाद भगवान के सखा उद्धव जी और देवताओं के खजांची कुबेर जी मंदिर गर्भगृह में विराजमान किए गए। बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान, मंत्रोच्चार और सेना बैंड की धुनों के साथ आज सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर खोल दिए गए। जैसे ही भगवान बदरीनाथ के कपाट खुले तो पूरा धाम ‘जय बदरीविशाल’ के जयकारों से गूंज उठा। इसी के साथ उत्तराखंड स्थित चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। सबसे पहले 3 मई को गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे उसके बाद 6 मई को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए। कोरोना काल में लगभग दो साल बाद बद्रीनाथ धाम के कपाट आम भक्तों के लिए खोले गए हैं। अब अगले छह महीने तक भक्त बद्री विशाल के दर्शन कर सकेंगे। बता दें कि बद्रीनाथ धाम में रोजाना 15 हजार, केदारनाथ में 12 हजार, गंगोत्री में 7 हजार और यमुनोत्री में 4 हजार श्रद्धालुओं को ही प्रतिदिन दर्शन करने की अनुमति होगी।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












