
बता दें की 2019 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डीजे को शोर की वजह बताते हुए प्रतिबंधित कर दिया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि जिस याचिका पर आदेश जारी हुआ उसमें ऐसी कोई मांग नहीं की गई थी। याचिकाकर्ता ने सिर्फ एक इलाके में हो रहे शोर का मसला रखा था, लेकिन हाईकोर्ट ने पूरे राज्य के लिए आदेश दे दिया। ऐसा करते समय प्रभावित पक्षों को सुना भी नहीं गया इसलिए आज यह कदम उठाए गए है।
Author: AK
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