शनि, अप्रैल 4, 2026

लखनऊ छू-छू कर लौट रहे भाजपा खेवनहार ! फिर यूपी पहुंचे राधामोहन बोले-ऐसे ही आया हूं?

UP Cabinet Reshuffle
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दिल्ली से लखनऊ आते हैं लखनऊ से दिल्ली लौट जाते हैं। लेकिन फिर भी बात नहीं बन पा रही । कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश भाजपा प्रभारी और संघ के शीर्ष नेताओं का लखनऊ का ‘तूफानी’ दौरा चल रहा है।‌ लगातार बैठकें करना, फीडबैक लेना और फिर दिल्ली हाईकमान को रिपोर्ट के बावजूद भी ‘अंतिम नतीजे’ पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। ‌जिससे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं में ‘बेचैनी’ बढ़ती जा रही है। वहीं विपक्ष समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस के नेता भी यूपी में फेरबदल को लेकर ‘बेसब्री’ से इंतजार कर रहे हैं। पिछले महीने के आखिरी में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, भाजपा राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष, भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल और यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह ने मुख्यमंत्री योगी समेत मंत्रियों से तीन दिनों तक ‘मैराथन बैठक’ की। उसके बाद लखनऊ से दिल्ली लौट गए। तब उम्मीद जताई जा रही थी कि एक या दो दिन में ‘योगी मंत्रिमंडल विस्तार का भाजपा हाईकमान निर्णय ले सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ’। अब एक बार फिर योगी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा फिर शुरू हो गई है। आज संडे है। ‘एक बार फिर लखनऊ के सियासी गलियारों में उत्तर प्रदेश सरकार में फेरबदल को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है’। बता दें कि दिल्ली में 3 से 5 जून तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद रविवार को उत्तर प्रदेश भाजपा प्रभारी राधामोहन सिंह जब अचानक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात करने पहुंचे तो योगी सरकार में फेरबदल की अटकलें शुरू हो गई हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के बाद राधा मोहन सिंह एक बार फिर ‘गोलमोल’ जवाब देते रहे। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, उत्तर प्रदेश सरकार और संगठन बहुत मजबूती के साथ चल रहे हैं। ‘यूपी भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि देश के अंदर सबसे मजबूत संगठन और सबसे लोकप्रिय सरकार यूपी में ही काम कर रही है’। ‘मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए राधा मोहन सिंह ने कहा कि प्रदेश प्रभारी बनने के बाद से उनकी राज्यपाल से भेंट नहीं हुई है, इसीलिए राज्यपाल से मुलाकात करने चला आया’। भाजपा प्रभारी ने कहा कि राज्यपाल से उनकी मुलाकात ‘शिष्टाचार’ भेंट है, इसका कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। अटकलें लग रही थी कि विधानसभा चुनाव से आठ महीने पहले कोविड-19 महामारी से यूपी में बिगड़े सिस्टम को लेकर राज्य सरकार के प्रति इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े रुख और कुछ अन्य कारणों से योगी सरकार और पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है, इस बात को राधा मोहन ने पूरी तरह नकार दिया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच भाजपा उपाध्यक्ष राधा मोहन सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष ने पिछले हफ्ते राजधानी लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा तथा प्रदेश के तमाम मंत्रियों और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से अलग-अलग बैठक की थी।

राज्यपाल को राधामोहन के ‘लिफाफा’ दिए जाने पर फिर योगी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें–

भले ही भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से ‘शिष्टाचार’ मुलाकात बता रहे हो लेकिन ऐसा हो नहीं सकता है कि वह दिल्ली से सिर्फ उनसे मुलाकात करने आए हों? ऐसी भी चर्चा है कि उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन को एक बंद ‘लिफाफा’ दिया है। प्रदेश प्रभारी ने जो लिफाफा राज्यपाल को दिया है, उसमें क्या है? ये सवाल बना हुआ है। क्या उसमें मंत्रिमंडल में फेरबदल से जुड़ी कोई बात है या कुछ और, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ‘उसके बाद भाजपा प्रभारी ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से भी मुलाकात की। सबसे बड़ी बात यह है कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और जेपी नड्डा की योगी आदित्यनाथ के प्रति कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है लेकिन यूपी भाजपा प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष समेत कई मंत्री, मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल की आए दिन प्रशंसा करने में लगे हुए हैं, कहीं यह मुख्यमंत्री के विदाई के संकेत तो नहीं है? यूपी भाजपा स्तर के नेता विपक्षी को और जनता को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि राज्य में योगी ने अब तक अच्छा काम किया है’। इसी कड़ी में आज राधा मोहन सिंह ने भी उत्तर प्रदेश सरकार की प्रशंसा की। ‘राधा मोहन ने कहा कि योगी सरकार के मंत्रीमंडल में जो पद खाली हैं, वे भरे जाएंगेे, इन सभी पदों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उचित समय पर निर्णय लेंगे’। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में हमारी अच्छी जीत हुई है, अब जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तैयारी है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश भाजपा में सियासी खींचतान के बीच प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ‘बड़ा बयान’ दिया है। ‘उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश को योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री नहीं मिल सकता, कोई भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा परिश्रमी और ईमानदार नहीं हो सकता’। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में सीएम योगी ने कानून का राज स्थापित किया है। स्वतंत्र देव का बयान उस समय आया जब प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने से लेकर कैबिनेट विस्तार होने की अटकलें लगाई जा रही हैं । ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि योगी कैबिनेट में फेरबदल होगा और एमएलसी बने एके शर्मा को कैबिनेट में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। भलेे ही आज प्रदेश भाजपा प्रभारी राधा मोहन योगी सरकार के मंत्रिमंडल फेरबदल पर खुलकर नहीं बोलेेे हैं, लेकिन जिस प्रकार से उन्होंने रविवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और यूपी विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित से मुलाकात की उससे मंत्रिमंडल विस्तार होनेे की चंद दिनों में संभावना बढ़ गई हैं।

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Author: AK

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