गलवान में चीन के साथ हुई झड़प के बाद दोनों देशों में लगातार तनाव जारी है। इस दौरान कल दोनों देशों के उच्च स्तरीय कमांडरों ने बातचीत की।यह बैठक लगभग 11 घंटे चली ,वहीं अभी तक इस बैठक के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।इस बीच आज सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे लेह का दौरा करेंगें और वहां तैनात 14वीं कोर के सैन्य अफसरों के साथ हालात का जायजा लेंगे। साथ ही कल हुए दोनो देशों के सैन्य कमांडरों की बातचीत की भी समीक्षा करेंगे।
आपको बता दें कि गलवां घाटी में हिंसक झड़प के बाद सेना प्रमुख पहली बार लेह जा रहे हैं ,वहीं वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने रविवार को लद्दाख का दौरा किया था।
इससे पहले 6 जून को दोनों पक्षों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी,जिसे लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों पक्ष स्थिति को सुलझाने और सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक जुड़ाव जारी रखेंगे। मंत्रालय ने कहा था कि दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्वक हल करने के लिए सहमत हुए और नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
लेकिन इसके बाद भी दोनों देशों के बीच सीमा विवाद जारी रहा और 15 जून की रात भारत और चीन के बीच लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें सेना के 20 जवान शहीद हो गए। शहीद हुए जवानों में कर्नल रैंक के एक अधिकारी भी शामिल थे।
Author: AK
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