जहानाबाद में मुहर्रम को लेकर 25 से 28 जून तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। जानिए प्रतिबंधित मार्ग, नया रूट प्लान और प्रशासन के निर्देश।
Jehanabad Muharram Traffic Plan: Routes Changed From June 25-28

जहानाबाद मुहर्रम ट्रैफिक प्लान: 25 से 28 जून तक बदला रहेगा रूट
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जहानाबाद जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शहर में निकलने वाले जुलूस और लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यह व्यवस्था 25 जून से 28 जून 2026 तक लागू रहेगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि मुहर्रम के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और जुलूस के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे। इसके लिए कई प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जबकि कुछ वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की गई है।
Jehanabad Traffic Advisory के तहत जारी निर्देशों में पटना-गया मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी नया रूट तय किया गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।
मुहर्रम को लेकर प्रशासन ने क्यों बदली यातायात व्यवस्था?
मुहर्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल होते हैं। ऐसे में शहर के मुख्य मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन हर वर्ष विशेष ट्रैफिक योजना तैयार करता है।
जहानाबाद में भी इस बार जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) की ओर से जारी निर्देशों में कई मार्गों पर अस्थायी बदलाव किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। प्रतिबंध केवल निर्धारित समय के लिए लागू होंगे और स्थिति के अनुसार इनमें बदलाव भी किया जा सकता है।
पटना-गया मार्ग के वाहनों के लिए नया रूट
मुहर्रम के दौरान पटना से गया और गया से पटना जाने वाले वाहनों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
NH-22 से होकर जाएंगे वाहन
प्रशासन के अनुसार, पटना-गया मार्ग पर चलने वाले सभी प्रकार के वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (NH-22) का उपयोग करेंगे।
इन वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य शहर के भीतरी इलाकों में भीड़ और यातायात दबाव को कम करना है।
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी ले लें ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
अंबेडकर चौक से काको मोड़ तक बड़े वाहनों पर प्रतिबंध
मुहर्रम जुलूस के दौरान शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक अंबेडकर चौक से काको मोड़ तक बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी।
प्रतिबंध का समय
प्रशासन के अनुसार:
- 26 जून को दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक
- 27 जून की शाम 4 बजे से 28 जून की सुबह 5 बजे तक
इस मार्ग पर भारी और बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो और श्रद्धालुओं तथा आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था
भारी वाहनों को रोकने के साथ-साथ प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया है।
बड़े वाहन निम्न मार्गों का उपयोग कर सकेंगे:
- NH-22
- अंबेडकर चौक
- घोसी मोड़
- एसएस कॉलेज
- बरबट्टा मोड़
- अलगना मोड़
- काको मोड़
इस रूट के माध्यम से वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रखा जाएगा।
छोटे वाहनों और टेंपो के लिए नियंत्रित परिचालन की व्यवस्था रहेगी। हालांकि, जुलूस के गुजरने के समय कुछ समय के लिए इन वाहनों को भी रोका जा सकता है।
काको क्षेत्र में भी रहेगा ट्रैफिक नियंत्रण
मुहर्रम के दौरान काको थाना क्षेत्र में भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
नोन्ही मोड़ से पाली मोड़ तक भारी वाहनों पर रोक
प्रशासन ने नोन्ही मोड़ से पाली मोड़ तक भारी और बड़े वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है।
इस दौरान वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
काको बाजार जाने वाले छोटे वाहनों और टेंपो का परिचालन नियंत्रित तरीके से किया जाएगा। जुलूस के समय सुरक्षा कारणों से इनके आवागमन को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
जरूरत पड़ने पर अन्य मार्गों पर भी लग सकता है प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि परिस्थितियों की मांग हुई तो अन्य मार्गों पर भी अस्थायी यातायात प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखेगा और जुलूस के दौरान भीड़ तथा यातायात की स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी परेशानी से बचने के लिए समय रहते अपने यात्रा मार्ग की योजना बनाएं।
विशेष परिस्थितियों में मिल सकती है प्रवेश की अनुमति
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में वाहनों को अनुमति दी जा सकती है।
यदि किसी व्यक्ति को किसी जरूरी काम से प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना आवश्यक होगा, तो संबंधित अधिकारी से अनुमति लेने के बाद वाहन को प्रवेश दिया जा सकता है।
हालांकि, यह अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में ही दी जाएगी।
आम लोगों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मुहर्रम पर्व के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
प्रशासन का कहना है कि यातायात नियमों का पालन करने से न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य भी आसानी से किया जा सकेगा।
लोगों से कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
यातायात व्यवस्था से आम लोगों को क्या लाभ मिलेगा?
विशेष ट्रैफिक प्लान का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि पर्व के दौरान शहर में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।
यदि भारी वाहनों को भीड़ वाले इलाकों से दूर रखा जाता है तो:
- जाम की समस्या कम होगी।
- जुलूस के दौरान सुरक्षा बेहतर रहेगी।
- आपातकालीन सेवाओं को रास्ता मिलेगा।
- आम लोगों की यात्रा आसान होगी।
ऐसी व्यवस्था बड़े आयोजनों के दौरान शहरों में यातायात प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
निष्कर्ष
जहानाबाद में मुहर्रम पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन ने 25 से 28 जून 2026 तक विशेष यातायात योजना लागू की है। Jehanabad Muharram Route Plan के तहत कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी और पटना-गया मार्ग के वाहनों को NH-22 से जाने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। वाहन चालकों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नए रूट प्लान की जानकारी रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
सहयोग और सावधानी के साथ मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।
Author: AK
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