जाने कौन है अमेरिका की होने वाली उपराष्ट्रपति कमला हैरिस

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सांसद कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार के लिए चुना है और कमला हैरिस उप राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाली वह पहली अश्वेत महिला बनीं हैं। कमला हैरिस की मां श्यामला गोपालन भारतीय और पिता डोनाल्ड हैरिस जमैकन हैं
कौन हैं कमला हैरिस:
- पिता स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में टीचर, मां कैंसर रिसर्चर
कमला हैरिस का जन्म 20 अक्टूबर 1964 को कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में हुआ। उनका पूरा नाम कमला देवी हैरिस है। पिता डोनाल्ड हैरिस स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में शिक्षक, मां श्यामला गोपालन भारतीय डिप्लोमेट की बेटी और कैंसर रिसर्चर थी। उनका 2009 में निधन हो गया।

कमला हैरिस ने वॉशिंगटन डी.सी. में वेस्टमाउंट हाईस्कूल से पढ़ाई की। वह स्टूडेंट काउंसिल में भी चुनी गई थीं। पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में बी.ए. करते समय डिबेट टीम से जुड़ीं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 1986 में ग्रेजुएशन किया। 1989 में हेस्टिंग्स कॉलेज से लॉ डिग्री ली।
- पहली भारतवंशी अमेरिकी जो सीनेटर बनीं
कमला पहली भारतीय अमेरिकी हैं जो 2016 में यू.एस. सीनेटर बनीं। साथ ही वह ऐसा करने वाली दूसरी अफ्रीकी-अमेरिकी महिला भी बनीं। 2011 से 2016 तक कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रहीं। तब भी वह पहली महिला और पहली अफ्रीकी-अमेरिकी थीं जो अटॉर्नी जनरल बनी।
ऑकलैंड में 1990 से 1998 के बीच डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रहीं। 2004 में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बनीं और 2010 में अटॉर्नी जनरल।
हैरिस ने तीन किताबें भी लिखी हैं- स्मार्ट ऑन क्राइम (2009), द ट्रूथ्स वी होल्डः एन अमेरिकन जर्नी (2019) और सुपरहीरोज आर एव्रीव्हेयर (2019)
3.पहली बार सांसद बनीं और अब उप-राष्ट्रपति की दौड़ में
कमला हैरिस 2017 में पहली बार ही सांसद बनीं और तीन साल बाद उप-राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल हो गईं।
2012 में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में कमला ने यादगार भाषण दिया था। इससे उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली और वो पार्टी में उन्हें राइजिंग स्टार के रूप में जानी जाने लगे।
इटेंलिजेंस सिलेक्ट कमेटी सदस्य के उनके काम ने उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के पास तक पहुंचाया। 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में रूसी हस्तक्षेप के दावों पर अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस से पूछताछ में उनकी स्टाइल ने लोकप्रियता को कई गुना बढ़ा दिया।
कमला ने डेमोक्रेटिक पार्टी से प्रेसिडेंट पद के लिए दावेदारी पेश की थी। वह लीडिंग कैंडीडेट भी थीं। लेकिन, सितंबर 2019 में उनका कैम्पेन विवादों से घिर गया। दिसंबर में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।
नाम वापसी के बाद से ही चर्चा थी कि जो बिडेन उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के लिए अपना साथी उम्मीदवार चुनेंगे। वह पुलिस सुधार की बहुत बड़ी समर्थक हैं।
Author: AK
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