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Assam Election 2026: असम चुनाव 2026, शुरुआती रुझानों में भाजपा आगे

Assam Election 2026: BJP Leads in Early Trends

असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना में शुरुआती रुझानों में भाजपा गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, जानें पूरी स्थिति और राजनीतिक समीकरण।

Assam Election 2026: BJP Leads in Early Trends


परिचय: असम की राजनीति में किसका पलड़ा भारी?

असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना शुरू होते ही पूरे देश की निगाहें इस पूर्वोत्तर राज्य पर टिक गई हैं। सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन बढ़त बनाता हुआ नजर आ रहा है। यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मुकाबला माना जा रहा है।

इस बार असम में मतदान प्रतिशत भी काफी ऊंचा रहा, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता बदलाव या स्थिरता में से किसी एक को स्पष्ट रूप से चुनने के मूड में थी। ऐसे में शुरुआती रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि मतदाता किस ओर झुकाव दिखा रहे हैं।


असम चुनाव 2026: आंकड़ों में समझें मुकाबला

कुल सीटें और उम्मीदवार

असम विधानसभा की कुल 126 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में उतरे, जिनमें 59 महिला उम्मीदवार भी शामिल थीं। यह संख्या बताती है कि चुनावी मुकाबला काफी व्यापक और प्रतिस्पर्धी रहा।

मतदान प्रतिशत

इस बार असम में करीब 86% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक में से एक है। इतना बड़ा मतदान यह दर्शाता है कि लोगों में चुनाव को लेकर उत्साह और जागरूकता दोनों बढ़ी है।


मुख्य मुकाबला: एनडीए बनाम विपक्षी गठबंधन

इस चुनाव में मुख्य लड़ाई भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच रही।

भाजपा और सहयोगी दल

भाजपा ने इस चुनाव में 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि उसके सहयोगी दलों में शामिल हैं:

  • असम गण परिषद (AGP) – 26 सीटें
  • यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) – 19 सीटें
  • बोडो पीपल्स फ्रंट (BPF) – 11 सीटें

भाजपा ने विकास, पहचान और सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ा।

कांग्रेस और विपक्ष

कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 99 उम्मीदवार मैदान में उतारे। उसके साथ अन्य दल भी गठबंधन में शामिल रहे:

  • एआईयूडीएफ – 30 सीटें
  • रायजोर दल – 13 सीटें
  • असम जातीय परिषद – 10 सीटें
  • वाम दल और अन्य छोटे दल

कांग्रेस ने सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के आरोप लगाकर जनता का समर्थन जुटाने की कोशिश की।


शुरुआती रुझान: भाजपा को बढ़त क्यों?

विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा

भाजपा ने पिछले कार्यकाल में सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों को प्रमुखता से प्रचारित किया। इसका असर शुरुआती रुझानों में साफ दिख रहा है।

पहचान और सुरक्षा की राजनीति

असम में पहचान और अवैध प्रवास का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है। भाजपा ने इसे चुनावी एजेंडा बनाया, जिससे एक वर्ग का समर्थन मिला।

मजबूत संगठन और रणनीति

भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत माना जाता है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता ने चुनावी परिणामों को प्रभावित किया।


हाई-प्रोफाइल सीटों पर नजर

जालुकबारी सीट

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस की उम्मीदवार बिदिशा नियोग से है।

जोरहाट सीट

गौरव गोगोई इस सीट से मैदान में हैं। यह सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।

तामुलपुर और शिवसागर

इन सीटों पर क्षेत्रीय दलों और स्थानीय नेताओं का प्रभाव अधिक है। यहां के परिणाम गठबंधन की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।


चुनावी मुद्दे: क्या रहा मुख्य एजेंडा?

भाजपा का एजेंडा

  • विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर
  • सुरक्षा और सीमा प्रबंधन
  • पहचान की राजनीति

कांग्रेस का एजेंडा

  • बेरोजगारी
  • भ्रष्टाचार
  • सामाजिक न्याय

दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों को जनता के सामने मजबूती से रखा।


निर्दलीय और छोटे दलों की भूमिका

इस चुनाव में 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे। कई क्षेत्रों में इनका प्रभाव निर्णायक हो सकता है। इसके अलावा छोटे दलों ने भी स्थानीय मुद्दों को उठाकर वोट बैंक तैयार करने की कोशिश की।


महिलाओं की भागीदारी

59 महिला उम्मीदवारों का चुनाव लड़ना इस बात का संकेत है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। हालांकि जीत का आंकड़ा क्या रहेगा, यह अंतिम परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।


मतगणना प्रक्रिया कैसे चल रही है?

मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हुई, जिसमें पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की गई। इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू हुई। सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


राजनीतिक समीकरण और संभावित परिणाम

वर्तमान विधानसभा में भाजपा के पास 64 सीटें हैं और सहयोगियों के साथ मिलकर उसने सरकार बनाई थी। अगर इस बार भी भाजपा गठबंधन बहुमत हासिल करता है, तो सत्ता में वापसी लगभग तय मानी जाएगी।

वहीं, अगर विपक्षी गठबंधन बेहतर प्रदर्शन करता है, तो राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।


जनता की भूमिका और उम्मीदें

असम की जनता इस बार विकास के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी काफी जागरूक नजर आई। लोगों की उम्मीद है कि जो भी सरकार बने, वह इन मुद्दों पर ठोस काम करे।


निष्कर्ष: क्या संकेत दे रहे हैं शुरुआती रुझान?

असम विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझान भाजपा के पक्ष में जाते दिख रहे हैं, लेकिन अंतिम परिणाम आने तक स्थिति बदल भी सकती है। चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव होता है और इसका परिणाम जनता की इच्छा को दर्शाता है।

अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि असम की सत्ता किसके हाथ में जाएगी और आने वाले पांच वर्षों में राज्य की दिशा क्या होगी।


यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों की जीत-हार नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों और भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है।

AK
Author: AK

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