सोम, अप्रैल 6, 2026

Jehanabad News: वृद्धाश्रम पहुंच अनाथ बुजुर्गों को दिया संबल, समाज से अपनापन बांटने की अपील



जहानाबाद समाज में मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की अहमियत को रेखांकित करता एक भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब जहानाबाद स्थित वृद्धाश्रम में अनाथ एवं बेसहारा बुजुर्गों के बीच खाद्य सामग्री और वस्त्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों से अपील की गई कि वे समय निकालकर वृद्धाश्रम पहुंचें और वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ कुछ पल बिताकर उन्हें मानसिक संबल दें। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास—जैसे बुजुर्गों से बातचीत करना, उनके साथ भोजन साझा करना या आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना उनके जीवन में बड़ी खुशियां ला सकते हैं। दुख बांटने से ही करुणा, सहानुभूति और मानवीय रिश्ते मजबूत होते हैं।
इस अवसर पर अनुराग सिन्हा जो एक बैंक कर्मचारी हैं, ने बताया कि आज उनके पिता की पांचवीं पुण्यतिथि है। इसी भावुक अवसर पर वे अपने परिवार के साथ वृद्धाश्रम पहुंचे। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाचारों के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि जहानाबाद में भी वृद्धाश्रम संचालित है, जहां कई बुजुर्ग पारिवारिक उपेक्षा और पीड़ा के कारण जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अनुराग सिन्हा ने कहा कि किसी भी शहर या जिले में वृद्धाश्रम का होना अपने-आप में एक दुखद सच्चाई को दर्शाता है। जिस मां-बाप ने अपनी संतान को कोख में रखकर बड़ा किया, जब वही माता-पिता बुजुर्ग, असहाय या बीमार हो जाते हैं और उन्हें आश्रम में छोड़ दिया जाता है, तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि माता-पिता के साए के बिना जीवन का दर्द वही व्यक्ति समझ सकता है, जिसके सिर से अभिभावक का हाथ उठ चुका हो।
उन्होंने कहा कि आश्रम में रह रहे सभी बुजुर्ग उनके लिए माता-पिता के समान हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि भविष्य में उनके परिवार में कोई भी पर्व, विवाह, जन्मदिन या अन्य खुशी का अवसर होगा, तो वे उसे केवल घर तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ खुशियां साझा करेंगे। इस अवसर पर अनुराग सिन्हा के भाई और उनके बच्चे भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने बच्चों को बुजुर्गों के बीच ले जाकर कपड़े वितरित कराए और उन्हें समझाया कि ये सभी भी किसी के माता-पिता हैं। उन्होंने बच्चों को यह सीख दी कि बड़े होकर वे भी अपने जन्मदिन और खुशी के क्षण ऐसे ही बुजुर्गों के साथ मनाएं। कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपील की गई कि वे वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ अपनापन, सम्मान और सहयोग साझा करें, ताकि उनके जीवन में मुस्कान और आत्मीयता बनी रहे।

Jehanabad News: Reached the old age home and gave support to the orphaned elderly, appealed to the society to share their affection

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Author: AK

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