“कैसे करूं मैं विदाई…” गीत ने भिगोई आंखें— सम्मान, स्नेह और संवेदनाओं के साथ विदाई समारोह का आयोजन
जहानाबाद सदर के एसडीपीओ (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी) राजीव कुमार सिंह के स्थानांतरण पर एक भावभीन विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिले के सामाजिक, साहित्यिक और प्रशासनिक जगत के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तित्व:
समारोह में वीरेंद्र कुमार, शिक्षाविद डॉ. एस. के. सुनील, कवि चितरंजन चैनपुरा, पत्रकार राजीव रंजन विमल, बरुण कुमार रणजीत भारतीय, संतोष श्रीवास्तव, मुकेश कुमार, पंकज कुमार ,शशांकशेखर, चंदन,सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथिगण शामिल हुए और एसडीपीओ के कार्यकाल की सराहना की।
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कवि चितरंजन चैनपुरा ने अपनी कवितामयी प्रस्तुति “कैसे करूं मैं विदाई… विदाई…” गीत के माध्यम से सबकी आंखें नम कर दीं। पूरे सभागार में एक संवेदनात्मक माहौल बन गया, जहां विदाई का दर्द और सम्मान दोनों एक साथ झलकते दिखे।
एसडीपीओ का विदाई संबोधन:
राजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा,
“जहानाबाद में काम करना मेरे लिए एक सुखद अनुभव रहा। यहां की जनता, प्रशासन और सहयोगियों से जो आत्मीयता मिली, उसे जीवन भर नहीं भूल पाऊंगा। हम सभी संपर्क में रहेंगे।”
संबोधन में प्रशंसा:
वीरेंद्र कुमार ने उन्हें एक कुशल, कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील अधिकारी बताते हुए कहा,
“राजीव कुमार सिंह जैसे अधिकारियों को सरकार को और बड़ी जिम्मेदारियाँ देनी चाहिए। इन्होंने जहानाबाद में कानून व्यवस्था को सुधारने में प्रभावशाली भूमिका निभाई है।”
सम्मान और विदाई स्वरूप भेंट:
कार्यक्रम के अंत में अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने खड़े होकर तालियों की गूंज में एसडीपीओ को विदाई दी।
समाज और प्रशासन के बीच एक सेतु:
इस समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि राजीव कुमार सिंह ने केवल एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक जनसेवक के रूप में भी लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है। उनकी सरलता, ईमानदारी और जनता से जुड़ाव ने उन्हें एक लोकप्रिय अधिकारी के रूप में स्थापित किया।
Jehanabad News: SDPO Rajeev Kumar Singh was given an emotional farewell,
Author: AK
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