एक दिन पहले शुक्रवार, 15 अगस्त को भारत में 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम के साथ मनाया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के सबसे बड़े राज्य अलास्का में विश्व के दो सबसे बड़े ताकतवर राष्ट्रपतियों की मुलाकात को लेकर दुनिया की निगाहें लगी रही। अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात तो बहुत गर्मजोशी से हुई लेकिन फिलहाल नतीजा कुछ खास निकल कर नहीं आया है। दोनों नेताओं की मुलाकात का मुख्य मुद्दा रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनातनी को खत्म कर शांति बहाल करना था। रूसी राष्ट्रपति पुतिन 10 साल बाद अमेरिका पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाकर उनका स्वागत किया गया। ट्रंप ने उन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव किया। इसके बाद पुतिन, ट्रंप की कार में बैठकर यूक्रेन जंग पर मीटिंग के लिए रवाना हुए । अलास्का में तीन घंटे से ज्यादा चली एक बंद कमरे में हुई बैठक के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रेस कांफ्रेंस की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रेस कांफ्रेंस की। हालांकि प्रेस कांफ्रेंस सिर्फ 12 मिनट चली लेकिन इस दौरान कई पुतिन और ट्रंप ने कई मुद्दों पर हुई बातचीत के बारे में जिक्र किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि कुछ बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है लेकिन बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े मुद्दे ऐसे हैं जिन पर हम अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाए हैं, लेकिन हमने कुछ प्रगति जरूर की है। ट्रंप ने कहा कि जब तक समझौता नहीं हो जाता, तब तक कोई समझौता नहीं होता। उन्होंने नाटो नेताओं और अन्य प्रमुख वैश्किक नेताओं को बैठक की प्रगति से अवगत कराने की बात कही। ट्रंप ने कहा कि अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत के बाद उन्हें कई फोन कॉल करने हैं। इनमें नाटो, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और बाकी नेता शामिल हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैं कुछ कॉल शुरू करने वाला हूं और उन्हें बताऊंगा कि क्या हुआ।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को अगली मुलाकात के लिए मास्को का सुझाव दिया
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अगली मुलाकात के लिए मास्को का सुझाव दिया। उन्होंने यह बात अंग्रेजी में कही। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला लोगों को पसंद नहीं आएगा और कुछ आलोचना भी होगी, लेकिन उन्होंने पूरी तरह इसे नकारा नहीं। ट्रंप ने कहा कि यह हो सकता है।
🕯 Russia's President Vladimir #Putin laid flowers at the graves of Soviet soldiers at the Fort Richardson Memorial Cemetery in #Alaska.
— MFA Russia 🇷🇺 (@mfa_russia) August 16, 2025
The cemetery is the resting place of Soviet pilots and sailors who delivered equipment under the Lend-Lease programme during #WWII. pic.twitter.com/DunoZklvOr
पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस भले ही महासागरों से अलग हैं, फिर भी बहुत करीब के पड़ोसी हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच की दूरी सिर्फ 4 किलोमीटर है, इसलिए वे सच में पड़ोसी हैं। पुतिन ने कहा कि आज सुबह उन्होंने हवाई अड्डे पर ट्रंप से हाथ मिलाया, तो उन्होंने उनसे ‘नमस्ते पड़ोसी कहा।’ इसके बाद पुतिन ने अलास्का का इतिहास याद किया, जो 158 साल पहले रूस का हिस्सा था। उन्होंने अमेरिकी राज्य में अब भी मौजूद रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्चों का जिक्र करते हुए कहा कि यह साझा विरासत दोनों देशों के बीच बराबरी और आपसी फायदे वाले रिश्ते को फिर से मजबूत करने में मदद कर सकती है। पुतिन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों से अमेरिका और रूस के बीच कोई समिट नहीं हुआ है, और दोनों देशों के रिश्ते शीत युद्ध के बाद से अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। लेकिन अब टकराव छोड़कर बातचीत की ओर बढ़ने का समय आ गया है। पुतिन ने यह भी कहा कि वह और ट्रम्प कई बार फोन पर खुलकर बात कर चुके हैं। इसके अलावा, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भी इस दौरान बातचीत का सिलसिला जारी रखा है।
अलास्का में ट्रंप-पुतिन को खतरे से बचाने के लिए किए गए खास इंतजाम
इस बीच सबसे खास बात यह रही कि दोनों नेताओं की सुरक्षा बहुत जबरदस्त थी। ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं को किसी भी खतरे या जासूसी से बचाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
दोनों देशों के कई सुरक्षाकर्मी और सैनिक एंकरेज पहुंच गए हैं। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस इसकी मुख्य जिम्मेदारी संभाल रही है और पुतिन की सुरक्षा टीम के साथ मिलकर काम कर रही है। शुक्रवार सुबह एक स्पेशल मिलिट्री प्लेन, जिसमें रडार लगा है, एंकरेज के एयरपोर्ट से उड़ा। यह विमान हवा में आने वाले खतरों, जैसे मिसाइल या अन्य विमानों का पता लगा सकता है। दोनों देशों की टीमें नेताओं को सुरक्षित रखने के लिए साथ काम कर रही हैं, लेकिन जासूसी रोकने के लिए भी सावधानी बरती जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और रूस की खुफिया एजेंसियों के बीच भरोसा नहीं है। पुतिन की टीम जासूसी से बचने के लिए ऐसे फोन और कंप्यूटर ला सकती है, जिन्हें बाद में फेंक दिया जाता है। वहीं पुतिन से मुलाकात से पहले अलास्का के लिए उड़ान भरते समय दिए गए साक्षात्कार में, ट्रंप ने कहा कि वह इस बैठक से युद्ध विराम के साथ ही निकलना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह यूक्रेन में रूस के युद्ध पर दूसरी बैठक चाहते हैं। दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त होने के बारे में ट्रंप ने कहा, “अगर मुझे यह नहीं मिला तो मैं बहुत खुश नहीं होऊंगा।” उन्होंने कहा कि हर कोई उनसे कह रहा है कि दूसरी बैठक तक उन्हें युद्ध विराम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, “तो, देखते हैं क्या होता है। अगर मैं किसी तरह के युद्ध विराम के बिना निकल गया तो मुझे खुशी नहीं होगी।”
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Author: AK
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