जहानाबाद काको थाना क्षेत्र के नेरथुआ मठ गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दबंगों के कथित उत्पीड़न से तंग आकर एक परिवार और दर्जनों ग्रामीणों ने अपना गांव छोड़कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शरण ली है। पीड़ित परिवार अब अपनी सुरक्षा की मांग कर रहा है।
रंजीत कुमार और उनका परिवार अब अपने ही घर में सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे। उन्होंने बताया कि उन्होंने वैध रूप से खरीदी गई जमीन पर कब्जा किया था, लेकिन उनके पड़ोसियों ने उस जमीन का एक हिस्सा जबरन हथिया लिया और बीच से रास्ते की मांग करने लगे। जब रंजीत कुमार ने इस पर विरोध किया, तो उन्हें और उनके परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। महिलाओं पर अशोभनीय टिप्पणियाँ की गईं, जिसका उन्होंने काको थाना में भी मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता (सुहलनामा) कराया था, लेकिन मंगलवार सुबह विवाद ने एक नई दिशा ले ली जब पड़ोसियों ने रंजीत के घर पर हमला कर दिया। रंजीत की पत्नी के गले से चैन छीन ली गई और एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद रंजीत कुमार और उनका परिवार, साथ ही अन्य पीड़ित ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा की मांग करते हुए वहां शरण ली।
रंजीत कुमार ने कहा, “हम गांव नहीं लौटेंगे जब तक हमें सुरक्षा का भरोसा नहीं दिया जाता। दबंगों की लाठी से बेहतर है कि हम पुलिस की लाठी झेल लें।”
पीड़ित परिवार और अन्य ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें स्थायी पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे भयमुक्त होकर अपने घर लौट सकें।
इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन ने संज्ञान लिया है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएसपी संजीव कुमार ने बताया कि वह घटनास्थल पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे और दोनों पक्षों की बात सुनकर ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक जमीन विवाद नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समाज में बढ़ती असुरक्षा और आम नागरिकों के टूटते विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि दबंगों द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है और नेताओं द्वारा समाधान कराने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह समाज में बढ़ती दबंगई और सामाजिक असंतुलन की भी चिंता व्यक्त करती है। क्या प्रशासन आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाने में विफल हो रहा है? यह सवाल अब ग्रामीणों के मन में गहरा हो चुका है।
पुलिस प्रशासन का बयान:
पुलिस प्रशासन ने यह कहा है कि यह एक गंभीर जांच का विषय है और जांच के बाद दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी संजीव कुमार ने कहा कि वह घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे और मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
Jehanabad News: Due to fear of bullies, he left the village with his family and took shelter in the SP office, the victim said, “I accept the lathi of the police, but not that of the bullies
Author: AK
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