जहानाबाद जिले के पाठक टोली मुहल्ला निवासी व विशेष कार्य बल (STF) के जवान विकास कुमार उर्फ सूरज की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को मध्य प्रदेश के रतलाम में एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर जहानाबाद पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो उठा। परिजनों की चीत्कार और स्थानीय लोगों के आंसुओं ने पूरे शहर को भावविह्वल कर दिया।
सूरत जा रही थी STF की टीम, रास्ते में पलटी स्कॉर्पियो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, STF की टीम मंगलवार को पटना से एक विशेष ऑपरेशन के लिए सूरत (गुजरात) के लिए निकली थी। टीम का उद्देश्य एक गंभीर मामले में कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार करना था। इसी क्रम में बुधवार को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पास हाईवे पर उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें विकास कुमार भी शामिल थे।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
गुरुवार को जैसे ही सूरज का शव उनके पैतृक निवास पाठक टोली पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। परिजन चीख-चीख कर रोने लगे। आस-पड़ोस के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। देखते ही देखते युवाओं और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने सूरज की अंतिम यात्रा के पूर्व उनके पार्थिव शरीर के साथ पूरे शहर का भ्रमण कराया। रास्ते में लोगों ने फूल बरसाकर और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
पुलिस अधीक्षक ने दी श्रद्धांजलि
जहानाबाद के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने सूरज को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस तथा कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा, “विकास कुमार जैसे जवान की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरे राज्य पुलिस बल की क्षति है। उन्होंने अपने कर्तव्य के लिए प्राणों की आहुति दी है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
भावुक हुआ शहर, आंखों में था गर्व और ग़म
पूरे शहर में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक की लहर है। हर गली, हर चौराहे पर सिर्फ एक ही नाम था—सूरज। उनकी शहादत ने जहानाबाद को गर्व भी दिया और ग़म भी। अंतिम विदाई के समय ‘सूरज अमर रहें’ के नारे गूंजते रहे।
Author: AK
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