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Jehanabad News: गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए “कमाल का कैम्प”: सीखने की यात्रा होगी अब मजेदार और मजबूत

जहानाबाद जिले में गर्मी की छुट्टियों को बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और सार्थक बनाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास “कमाल का कैम्प (Catch-up अभियान)” शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कक्षा 5 से 6 में जाने वाले लगभग 5000 बच्चों को प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की सहयोग से पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय दक्षता को मजेदार तरीके से सिखाया जाएगा।

आज समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक में जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी, और अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में योजना की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बच्चों के भविष्य को संवारने की गर्मी छुट्टी: शिक्षा के प्रति नई सोच

जिला पदाधिकारी ने बताया—

“गर्मी की छुट्टियों में शिक्षण कार्य रुकता नहीं, बल्कि उसे रोचक, सामुदायिक और सहभागी बनाकर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। कमाल का कैम्प एक ऐसा ही प्रयास है जो न सिर्फ सीखने की प्रक्रिया को सशक्त करेगा बल्कि गाँव-समाज के युवाओं को भी जिम्मेदारी का मंच देगा।”

प्रथम एजुकेशनल फाउंडेशन द्वारा यह अभियान ऐसे छात्रों को लक्षित कर रहा है जो अभी भी अपनी कक्षा के स्तर के अनुसार पढ़ने-लिखने या गणित में दक्ष नहीं हो पाए हैं। इस कैम्प का उद्देश्य है कि जब ये बच्चे अगली कक्षा में जाएं, तो पहले से तैयार और आत्मविश्वासी हों।

अभियान की कार्ययोजना:

  1. प्रशिक्षण: इंजीनियरिंग कॉलेज हुलासगंज एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज मखदुमपुर के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  2. स्वयंसेवक चयन: उच्च विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 10वीं या +2 पास छात्रों में से कम-से-कम 15-20 इच्छुक स्वयंसेवकों की पहचान करने हेतु निर्देशित किया गया है।
  3. कैम्प स्थल चयन: गाँव के बरामदे, पेड़ की छाँव, चबूतरा जैसे खुले और सुरक्षित स्थानों को चिन्हित कर साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।
  4. शिक्षण सामग्री: अंक कार्ड, पासे, संख्या डायरी, चित्रात्मक शाब्दिक प्रश्न, ब्लैकबोर्ड आदि की व्यवस्था।
  5. कैम्प संरचना: प्रत्येक कैम्प में 12-15 बच्चे शामिल होंगे और रोजाना 1-2 घंटे की कक्षा चलेगी।
  6. प्रशस्ति पत्र व मान्यता: गर्मी की छुट्टी में सफलतापूर्वक 15-20 बच्चों को पढ़ाने वाले स्वयंसेवकों को जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
  7. मॉनिटरिंग व्यवस्था: सभी शिक्षण स्थानों का जीओ टैगिंग एवं रिमोट मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए बच्चों के लिए उपयुक्त स्थानों की सूची तैयार की जा रही है।

‘कमाल का कैम्प’ क्यों जरूरी है?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में बच्चे अपनी कक्षा के अपेक्षित शैक्षणिक स्तर तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। विशेष रूप से कक्षा 5 के वे छात्र जिन्हें अब उच्च प्राथमिक स्तर में प्रवेश लेना है, उन्हें बुनियादी कौशल की मजबूत नींव देने की जरूरत है। ‘कमाल का कैम्प’ उन्हें उसी स्तर से पढ़ाना शुरू करता है जहाँ वे हैं, ताकि वे तेजी से आगे बढ़ सकें।

अनुभवों से यह सिद्ध हुआ है कि स्थानीय युवा, जब प्रेरित और प्रशिक्षित होते हैं, तो वे समुदाय के बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को क्रांतिकारी ढंग से बदल सकते हैं। यही विश्वास इस अभियान की प्रेरणा है।

“अगर हर गाँव में कुछ ऊर्जावान युवा आगे आएं, तो हर बच्चा शिक्षा की दौड़ में पीछे नहीं रहेगा।” — कमाल का कैम्प, बच्चों की पढ़ाई को दे नई उड़ान।

Jehanabad News: “Amazing Camp” for children in summer vacation: The learning journey will now be fun and strong

AK
Author: AK

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