
Mahakumbh 2025: President, PM, and Home Minister to Attend Mahakumbh in Prayagraj; CM Yogi Issues Special Directives
प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में देश हीं नहीं बल्कि विदेश से भी लोग श्रद्धा के डुबकी लगाने आ रहे हैं। प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ स्नान कर रहे हैं। महाकुंभ में आस्था का समागम देखने को मिल रहा है।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेले की आगे की तैयारियों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किया है। सीएम ने कहा कि आगामी दिनों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक गणमान्य प्रयागराज आ सकते हैं। इसके साथ ही 22 जनवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक भी यहां होगी।
इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां समय से कर ली जानी चाहिए।
सीएम योगी ने आगामी गणतंत्र दिवस, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर महाकुंभ मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन और संचार तंत्र को और बेहतर करने की बात कही। उन्होंने कहा है कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता चाहिए। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से इन विशेष दिवसों पर पांटून पुल पर आवागमन वन-वे रखा जाए।
बता दें कि रविवार को सीएम योगी प्रयागराज पहुंचे जहां उन्होंने महाकुंभ क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सीएम योगी ने दिए निर्देश
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित अनेक गणमान्य जनों का प्रयागराज आगमन प्रस्तावित है, इसके लिए तैयारी पूरी रखें।
मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर मेलाक्षेत्र में वाहन पर प्रतिबंध लगाया जाए, पांटून पुल पर वन-वे व्यवस्था हो।
गणतंत्र दिवस, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर भीड़ प्रबंधन की बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाए, कॉल ड्रॉप किसी भी स्थिति में न हो।
25 जनवरी से 5 फरवरी तक के लिए महाकुंभ में विशेष कार्ययोजना लागू होगी।
रेलवे अधिकारियों को निर्देश, स्नान पर्वों पर पूरे दिन स्पेशल ट्रेनें चलाएं। सुनिश्चित करें प्लेटफार्म न बदला जाए।
मौनी अमावस्या पर 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। इसके आधार पर प्लान तैयार किया जाए।
बिजली, पानी, घाट, यातायात, सफाई, शौचालय, बस, ट्रेन हर बिंदु पर सतर्कता-संवेदनशीलता जरूरी बताया।
रूटीन गाड़ियों और मेला स्पेशल ट्रेनों के लिए अलग-अलग रेलवे स्टेशन हों तो बेहतर होगा।
श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा सम्मान किया जाएग। व्यवस्था में लगे लोग आगे बढ़कर मदद करें
सुबह से ही शटल बसें चलाई जानी शुरू की जाए। संख्या बढ़ाना आवश्यक है। इस पर ध्यान दिया जाए।
मेला क्षेत्र में ठंड की स्थिति को देखते हुए जगह-जगह अलाव जलवाने की व्यवस्था की जाए। घाटों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाए।
22 जनवरी को प्रयागराज में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसके लिए अधिकारियों के स्तर पर तैयारी को पूरी रखी जाए।
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Author: AK
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