रवि, अप्रैल 12, 2026

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की इमरजेंसी का पंजाब में भारी विरोध, सिख संगठनों ने कई शहरों में नहीं चलने दी फिल्म

Kangana Ranaut’s ‘Emergency’ Faces Protests in Punjab; Sikh Organizations Halt Film Screenings in Several Cities

हिमाचल के मंडी से भारतीय जनता पार्टी की संसद और बॉलीवुड फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनौत की बहुतचर्चित फिल्म “इमरजेंसी” शुक्रवार, 17 जनवरी को देशभर के सिनेमाघर में रिलीज हुई। फिल्म की रिलीज के पहले दिन ही पंजाब में सिख संगठन इसके विरोध में उतर आए। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली में थिएटर्स के बाहर सिख संगठनों के सदस्य काले झंडे लेकर विरोध किया। राज्य के किसी भी थिएटर में फिल्म नहीं दिखाई गई। पीवीआर ग्रुप के 70 से 80 थिएटरों पर ये फिल्म दिखाई जानी थी, लेकिन विरोध के बाद इन थिएटरों पर फिल्म नहीं लगी। लॉ स्टूडेंट सफल हरप्रीत सिंह की तरफ से कंगना को कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें 5 दिन में पूरे पंजाब व सिख कम्युनिटी से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर वे लीगल नोटिस का जवाब नहीं देतीं, तो इस मामले में कानून का सहारा लेंगे। वहीं एसपीजीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर फिल्म पर बैन की मांग की थी और कहा था कि ये सिख समुदाय को बदनाम करने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने इस बारे में बात की और कहा, पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘इमरजेंसी’ फिल्म को पंजाब में अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह सिखों को बदनाम करने के उद्देश्य से बनाई गई है।एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह की अगुवाई में हजारों की संख्या में कर्मचारी एवं सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना लगा दिया है। फिलहाल पीवीआर सिनेमा के मालिकों ने प्रदर्शन को देखते हुए फिल्म रिलीज नहीं करने का फैसला किया है। प्रताप सिंह ने दोहराया है कि अगर फिल्म पर रोक ना लगाई गई और प्रदेश का माहौल खराब हुआ, तो इसकी सारी जिम्मेवारी पंजाब सरकार की होगी।
फिल्म के पहले रिलीज किए गए ट्रेलर में पंजाब के आतंकवाद के दौर के साथ-साथ बांग्लादेश की आजादी के दौर को भी दिखाया गया था। जिसके चलते ये फिल्म बांग्लादेश में बैन हो चुकी है। ट्रेलर में आतंकवाद, ऑपरेशन ब्लू स्टार और जरनैल सिंह भिंडरांवाला के बारे में कोई सीन नहीं दिखाया गया। इसके बावजूद एसजीपीसी ने फिल्म को बैन करने की मांग रखी। एसजीपीसी ने कहा कि फिल्म रिलीज से पहले उसे किसी भी धार्मिक संस्था से पास नहीं करवाया गया। वहीं पंजाब सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमन वर्मा ने कहा- पंजाब की अमन शांति को नुकसान पहुंचाने वाला कोई काम करने की इजाजत नही दी जाएगी। फिल्म पर रोक लगाने का फैसला मुख्यमंत्री को लेना है। उधर, कंगना रनौत ने पंजाब में फिल्म को बैन करने की मांग पर विराेध जताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाऊंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि यह कला और कलाकार का पूरी तरह से उत्पीड़न है। पंजाब के कई शहरों से रिपोर्ट आ रही है कि ये लोग इमरजेंसी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होने दे रहे हैं। मैं सभी धर्मों का गहरा सम्मान करती हूं और चंडीगढ़ में पढ़ाई और परवरिश के दौरान मैंने सिख धर्म को बहुत करीब से देखा और समझा है। यह मेरे खिलाफ झूठ और प्रोपेगैंडा है, जिसका मकसद मेरी छवि को नुकसान पहुंचाना और मेरी फिल्म को हानि पहुंचाना है। इमरजेंसी 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 21 महीने के आपातकाल को दिखाती है। मूवी में अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन और विशाक नायर अहम रोल में दिखते हैं।

यह भी पढ़ेदिल्ली चुनाव के लिए भाजपा का घोषणा पत्र जारी: बड़े वादों के साथ वोटर्स को लुभाने की कोशिश

यह भी पढ़ेBAFTA Awards 2025:ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ समेत 4 भारतीय फिल्मों का देखेगा BAFTA 2025 में जलवा , यहां देखें फिल्मों की लिस्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News