DW Samachar – Header
ब्रेकिंग

आरबीआई के नए गवर्नर बने संजय मल्होत्रा, शशिकांत दास की लेंगे जगह, जानिए कौन हैं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी

Sanjay Malhotra Appointed as New RBI Governor, Succeeds Shaktikanta Das – Know About the Senior IAS Officer
Sanjay Malhotra Appointed as New RBI Governor, Succeeds Shaktikanta Das – Know About the Senior IAS Officer
Sanjay Malhotra Appointed as New RBI Governor, Succeeds Shaktikanta Das – Know About the Senior IAS Officer

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई को नया गवर्नर मिल गया है। केंद्र सरकार ने रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का नया गवर्नर नियुक्त किया है। वे आरबीआई के 26वें गवर्नर होंगे और मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास की जगह लेंगे। दास का कार्यकाल आज 10 दिसंबर 2024 को पूरा हो रहा है। 11 दिसंबर से मल्होत्रा गवर्नर का पद संभालेंगे। शक्तिकांत दास 12 दिसंबर 2018 को गवर्नर बनाए गए थे। राजस्थान कैडर 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं संजय मल्होत्रा। उन्होंने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मास्टर्स प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पूरा किया। इसके बाद उन्होंने कई विभागों में उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दी। उनके पास फाइनेंस, पावर, आईटी, माइंस, टैक्सेशन जैसे विभागों में काम करने का अनुभव है। ऊर्जा मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी के साथ ही वे आरईसी के चेयरमैन और एमडी रह चुके हैं। इन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के अंतर्गत वित्त और कर से संबंधित कार्यभार संभालने का अच्छा अनुभव है। आरबीआई के वर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास ने उर्जित पटेल के आरबीआई के गवर्नर के पद से इस्तीफा देने के बाद जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान कोरोना महामारी और महंगाई जैसी समस्याओं का भी बेहतरीन ढंग से निपटान किया गया।

बता दें कि शशिकांत दास ने महंगाई को काबू करने के लिए करीब दो साल से रेपो रेट में बदलाव नहीं किया लेकिन इससे खासा सफलता नहीं मिली। अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21 प्रतिशत पर पहुंच गई। इतना ही नहीं वृद्धि की रफ्तार भी धीमी हुई है। जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर जुलाई-सितंबर में घटकर सात तिमाहियों में सबसे निचले स्तर 5.4 प्रतिशत पर रही। नए गवर्नर ऐसे समय कार्यभार संभालेंगे, जब केंद्रीय बैंक मुश्किल स्थिति में है। आरबीआई पर ब्याज दरों में कटौती करने का दबाव बढ़ रहा है। जुलाई-सितंबर की अवधि में विकास दर सात-तिमाही के निचले स्तर 5.4% पर आ गया है। दास के टेन्योर में आरबीआई ने महंगाई के रिस्क का हवाला देते हुए लगभग दो साल तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। संजय मल्होत्रा को एक ‘टीम’ के रूप में काम करने वाला कहा जाता है। वह मानते हैं कि कीमतों को अकेले केंद्रीय बैंक प्रबंधित नहीं कर सकता है और इस कार्य के लिए सरकारी मदद की भी आवश्यकता है। वह ऐसे समय केंद्रीय बैंक के 26वें गवर्नर के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं जब आरबीआई पर आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए प्रमुख ब्याज दर रेपो में कटौती का दबाव है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल के दिनों में ब्याज दर में कटौती की वकालत की है। इसका कारण यह है कि उच्च ब्याज लागत अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। इससे आरबीआई पर नीतिगत दर में कटौती का दबाव भी है।

माना जाता है कि मल्होत्रा ​​के वित्त मंत्री के साथ अच्छे संबंध हैं। यह मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों को अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप बनाने में मददगार हो सकते हैं। नई आयकर व्यवस्था को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंप्यूटर साइंस में स्नातक और प्रिंसटन विश्वविद्यालय से सार्वजनिक नीति में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल करने वाले 56 वर्षीय मल्होत्रा ​​वर्तमान में वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव हैं और दास का दूसरा तीन साल का कार्यकाल 10 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। मल्होत्रा के पास बिजली, वित्त और कराधान जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ सार्वजनिक नीति में तीन दशक से अधिक का अनुभव है।

यह भी पढ़े: बिहार: सीएम नीतीश के कार्यक्रम में विधायकों की No Entry, गार्ड्स ने धक्का देकर भगाया; हाथ में गुलदस्ता लेकर खड़े रह गए विधायक

यह भी पढ़ेस्वामीनाथन रिपोर्ट: पहले भारत रत्न का सम्मान,अब उन्हीं स्वामीनाथन की कृषि रिपोर्ट कृषि मंत्रालय की वेबसाइट से गायब, जानें कौन हैं स्वीनाथन क्या है इनकी रिपोर्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News