
महाराष्ट्र में चुनाव नतीजे के बाद सीएम पद को लेकर गठबंधन में जारी उठापटक के 9 दिन बाद भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार नई सरकार के गठन को लेकर दो पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। हालांकि एकनाथ शिंदे अभी भी पूरी तरह से सरेंडर करने के मूड में नहीं है। भाजपा ने मंगलवार को महाराष्ट्र में पार्टी विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। पार्टी की ओर से जारी एक बयान में यह घोषणा की गई। दोनों मुंबई जाएंगे और विधायक दल की बैठक में सीएम चेहरे को लेकर बात करेंगे। हालांकि पार्टी ने सीएम चेहरे की कोई घोषणा नहीं की है। मगर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सीएम की रेस में सबसे आगे हैं।
उम्मीद है कि शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को डिप्टी सीएम का पद दिया जाएगा। भाजपा विधायक अब जल्द ही अपना नेता चुनेंगे। विधायक दल का नेता ही राज्य का अगला मुख्यमंत्री होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही भाजपा मुख्यमंत्री का एलान करेगी। भाजपा ने घोषणा की है कि नई महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर की शाम दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसमें शामिल होंगे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को 236 सीटों पर जीत मिली है। सबसे अधिक 132 सीटों पर भाजपा, 51 सीटों पर शिवसेना और 46 सीटों पर अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने जीत हासिल की। वहीं महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, जनता चाहती है कि सीएम मैं ही रहूं। मैं आम लोगों के लिए काम करता हूं। मैं जनता का मुख्यमंत्री हूं। इसी वजह से लोग मानते हैं कि मुझे ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए। इससे पहले कार्यवाहक सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि भाजपा का सीएम हमें मंजूर है। मुझे पद की लालसा नहीं। जब मैं मुख्यमंत्री था तब मोदी जी मेरे साथ खड़े रहे। अब वो जो फैसला लेंगे स्वीकार होगा।
Author: AK
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