
झारखंड में झामुमो की सरकार शुरू हो गई है। हेमंत सोरेन चौथी बार झारखंड के सीएम बन गए। गुरुवार को हुए शपथ कार्यक्रम में उन्होंने अकेले ही शपथ ली है। उन्हें गुरुवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में गवर्नर संतोष गंगवार ने शपथ दिलाई। हेमंत सोरेन के सीएम पद का शपथ लेते ही उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हो गए हैं। वह झारखंड के 24 साल के इतिहास में चौथी बार सीएम बनने वाले पहले नेता बन गए हैं। उनके पिता शिबू सोरेन और भाजपा के अर्जुन मुंडा तीन-तीन बार मुख्मंयक्षत्री की कुर्सी पर बैठ चुके हैं। मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। समारोह में इंडिया की 10 पार्टियों के 18 बड़े नेता शामिल हुए। हेमंत सोरेन के शपथ कार्यक्रम में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल और तेजस्वी यादव सहित इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल हुए।
इससे पहले कांग्रेस महासचिव एवं झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने बताया था कि विधानसभा में विश्वास मत के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। शपथ लेने से पहले, कुर्ता-पायजामा पहने सोरेन ने झामुमो अध्यक्ष और अपने पिता शिबू सोरेन से मुलाकात की। हाल में हुए विधानसभा चुनावों में हेमंत सोरेन ने बीजेपी के गमलियल हेम्ब्रम को हराकर बरहेट सीट बरकरार रखी। झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन ने झारखंड विधानसभा चुनाव में 56 सीट हासिल कर अपना बहुमत बनाए रखा, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 24 सीट मिलीं। मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी भी तरह का कोई सस्पेंस नहीं था लेकिन मंत्रिमंडल की तस्वीर पर गठबंधन के घटक दलों में सहमति अभी नहीं बन सकी है। यही वजह है कि हेमंत सोरेन ने अकेले ही पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। सीएम के साथ जेएमएम कोटे से भी किसी विधायक को मंत्री पद की शपथ नहीं दिलाई गई। बता दें कि कांग्रेस चार पर एक के फॉर्मूले से चार मंत्री पद की डिमांड कर रही है। हेमंत सोरेन की पिछली सरकार में कांग्रेस के चार विधायकों को ही मंत्री बनाया गया था। तब भी कांग्रेस का संख्याबल 16 ही था।
Author: AK
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