
आने वाले दिन देश की सियासत के लिए काफी हलचल भरे होने वाले हैं। कल 20 नवंबर को झारखंड, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। उसके बाद 23 नवंबर को चुनाव नतीजे आने हैं। चुनाव नतीजे वाले दिन देश भर में राजनीतिक दलों के बीच सियासी पारा गर्माया रहता है। उसके बाद 25 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो रहा है। जो 20 दिसंबर को समाप्त होगा। 24 नवंबर को राजधानी दिल्ली में सर्वदलीय बैठक होनी है। झारखंड और महाराष्ट्र में भाजपा (एनडीए) को सफलता मिल गई तो संसद में केंद्र सरकार में उत्साह दिखाई देगा। वहीं अगर दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इंडिया गठबंधन की सीटें ज्यादा आती है तो विपक्ष को मोदी सरकार को घेरने का और मौका मिल जाएगा। शीतकालीन सत्र के दौरान कई विधेयक पेश किए जाएंगे, मगर सबकी निगाहें वक्फ विधेयक और एक देश एक चुनाव विधेयक पर होगी। वक्फ विधेयक पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी जबर्दस्त खींचतान के बीच संयुक्त संसदीय समिति रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। दूसरी ओर एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। दोनों ही विधेयकों का विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है।
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन 26 नवंबर को संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संविधान सदन या पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरकार द्वारा सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है ताकि विपक्ष को सरकार के विधायी एजेंडे की जानकारी दी जा सके और साथ ही उन मुद्दों पर चर्चा की जा सके जिन पर राजनीतिक दल संसद में बहस करना चाहते हैं। संसद के शीतकालीन सत्र में मोदीसरकार ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर सक्षम बिल पेश कर सकती है। विपक्ष, खासकर कांग्रेस से बातचीत करके आम सहमति बनाने के प्रयास के बाद विधेयक पेश किए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि मोदी सरकार वक्फ बिल में संशोधन करेगी और ये जल्द होगा, लेकिन सवाल ये है कि क्या वक्फ संशोधन बिल शीतकालीन सत्र में संसद से पास हो पाएगा या नहीं? इसके अलावा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव भी पास किया जा सकता है। 18वीं लोकसभा का पहला मानसून सत्र 22 जुलाई से 9 अगस्त तक चला था। इसी सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को सदन में केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश किया। 8 अगस्त को लोकसभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ कानून (संशोधन) बिल पेश किया था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया। इस बिल का विपक्षी दलों ने विरोध किया। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने एक्स पर मंगलवार को गई की एक पोस्ट में बताया कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के मद्देनजर 24 नवंबर की सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है।



















