
दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खतरनाक स्तर तक खराब हो गई है। इसके कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए और ज्यादा कड़े उपाय लागू कर दिए हैं।
नए आदेश के बाद से आज 18 नवंबर की सुबह 8 बजे से प्रभावी प्रतिबंधों का नया सेट क्षेत्र में लागू हो गया है। सीएक्यूएम, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को खराब करने में योगदान देने वाले उत्सर्जन के घटकों को कम करने के लिए प्रदूषण के अन्य स्रोतों के साथ-साथ वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
बता दें कि दिल्ली NCR में वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी की दहलीज में पहुंच गया है। राजधानी में ग्रेप 3 लागू होने के बावजूद भी यहां के कई क्षेत्रों में रविवार को एक्यूआई 1000 के लगभग पहुंच चुकी है।
किन वाहनों पर प्रतिबंध
जीआरएपी 4 प्रतिबंधों के तहत सबसे प्रमुख उपायों में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है। जिसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को अपवाद के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, एलएनजी, सीएनजी, बीएस-VI डीजल या इलेक्ट्रिक पावर जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
इस बीच, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर भी प्रतिबंध है, सिवाय सीएनजी, इलेक्ट्रिक पावर और बीएस-VI डीजल से चलने वाले वाहनों के। GRAP 4 के तहत, दिल्ली में पंजीकृत मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहन जो डीजल या बीएस-IV पर चलते हैं, उन पर भी प्रतिबंध है, सिवाय जरूरी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के।
निजी वाहनों पर कोई नया प्रतिबंध नहीं है
हालांकि निजी वाहनों पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। लेकिन GRAP 3 के तहत CAQM ने पहले ही कुछ प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। निजी वाहन मालिक जो अभी भी BS-III पेट्रोल कार या BS-IV डीजल कार चलाते हैं, उनके लिए इन दिनों शहर की सीमाएं प्रतिबंधित रहेंगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस GRAP चरण तीन दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करेगी और प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन पर कार्रवाई करेगी।
पूरे एनसीआर में प्रतिबंध लागू
ये प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे आसपास के इलाकों में भी लागू होंगे। जो लोग नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें 20,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। अन्य सभी निजी वाहन जिनके पास BS-IV पेट्रोल और BS-VI डीजल प्रमाणन और उससे ऊपर है, उन्हें इस अवधि के दौरान बिना किसी प्रतिबंध के शहर में चलने की अनुमति होगी।
निजी वाहनों पर क्या प्रतिबंध हैं?
राजधानी क्षेत्र में वाहन मालिकों पर अब कड़ी निगरानी रखी जा रही है। क्योंकि अधिकारी शहर में प्रदूषण के स्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से निपटने के लिए प्रयास बढ़ा रहे हैं। वाहन मालिकों को अपने वाहन को बाहर ले जाने से पहले वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र साथ रखना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का पालन न करने वाले वाहनों पर अपनी कार्रवाई को कई गुना बढ़ा दिया है। इस साल 31 अक्तूबर तक नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 2.70 लाख से ज्यादा चालान जारी किए हैं।



















