
गया यह दो दिवसीय कला उत्सव सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी जीवन शैली जैसे महत्वपूर्ण विमर्शों पर केंद्रित है।
मगही कला उत्सव से पहले चित्रकला एंव हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
मगही कला उत्सव के प्रथम दिन माननीय केंद्रीय मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार जीतन राम मांझी, बिहार के सहकारिता, पर्यावरण एंव वन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, संस्कार भारती के अखिल भारतीय मंत्री तथा लब्ध प्रतिष्ठित बांसुरी वादक पं. चेतन जोशी, प्रतिष्ठित उद्यमी एवं समाजसेविका उषा देवी डालमिया, संस्कार भारती दक्षिण बिहार प्रांत के उपाध्यक्ष एवं प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायक पं. राजेंद्र सिजुआर, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, सिद्धहस्त शिल्पकार श्री शिल्पी महेंद्र, बुनकर उद्यमी श्रीमती सविता देवी, मगही लोकगायक श्री हरि पासवान एंव जहानाबाद के वरिष्ठ पत्रकार श्री संतोष श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत रूप से कला उत्सव का शुभारंभ किया।

संस्कार भारती ध्येय गीत के बाद अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य अतिथि श्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मगही कला उत्सव आयोजित करने के लिए संस्कार भारती का बहुत आभार।
आगे उन्होंने कहा कि हम जिस संस्कार और संस्कृति की हम बात करते हैं वो बहुत बदल गया है इसलिए हमें अपने बच्चों को, नई पीढी को सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी जीवन शैली जैसे विषयों को बताने की जरूरत है। हम प्रकृति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, आज हम कितना भी आगे हो जाए प्रकृति के बिना सफल नहीं हो सकते।
हम सभी एक ही पूर्वज के संतान हैं, हमसब एक परिवार की तरह हैं। आज सभी लोग भ्रम और दिखावा में जी रहे हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नागरिक कर्तव्य का बोध होना नितांत आवश्यक है। मगही भाषा को लेकर मांझी जी ने कहा कि मगही हमारी मातृभाषा है, हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। मगही भाषा को संविधान के आँठवी सूची में शामिल करने के लिए हम काम करेंगे।
उद्घाटन संबोधन में विशिष्ठ अतिथि डॉ. प्रेम कुमार जी ने कहा कि हमें खुशी हो रही है कि संस्कार भारती द्वारा समाज जीवन के महत्वपूर्ण विषयों पर मगही कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक बदलाव का ये पांच सूत्र भारतीय संस्कृति के विकास का आधार है। सामाजिक बदलाव में संस्कार भारती कला द्वारा पंच प्राण को लेकर काम कर रही है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पं. चेतन जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कार भारती कला और कलाकार के क्षेत्र में काम करने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था है।
उद्घाटन सत्र के स्वागत संबोधन में पंडित राजेंद्र सिजुआर ने कहा कि मगही कला उत्सव आधारित सभी विषयों पर जागरुकता लाने की जरूरत है। सबसे ज्यादा जरूरी तो नागरिक कर्तव्य का है इससे ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण होता है। कला के माध्यम से समाज को जागरूक किया जा सकता है। सामाजिक जागरुकता हेतु लोक कलाकारों को भी आगे आना होगा।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उषा देवी डालमिया ने कही कि इन महत्वपूर्ण विषयों पर मगही कला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, यह बहुत खुशी की बात है। उन्होंने कही कि इन विषयों पर युवाओं को आगे आने की जरूरत है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि मगही क्षेत्र के सभी कलाकारों को समृद्धि मिले।
उद्घाटन सत्र का मंच संचालन डॉ. मनोज मिश्रा ने किया।
उद्घाटन सत्र के बाद सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें नाट्य, नृत्य, गायन, वादन एंव काव्य गोष्ठी की गई। काव्य गोष्ठी में मगही के प्राख्यात कवि डॉ. हेरम्ब मिश्र, डॉ. विनोद उपाध्याय, प्रमोद कुमार सजल, धनन्जय जगपुरी, नागेन्द्र कुमार केसरी, शिवनारायण सिंह, अनुज बेचैन, मानसी सिंह के साथ अन्य कवियों ने अपनी कविता पाठ से दर्शकों को काव्य रस में डूबने पर विवश किया।
काव्य पाठ के बाद दशरथ मांझी नाटक की प्रस्तुति की गई। प्रस्तुति “प्रयास रंगमंडल” के द्वारा मिथिलेश सिंह के निर्देशन में किया गया।
नाट्य प्रस्तुति के पश्चात् संगीत की प्रस्तुति की गई, जिसमें मगही लोक कला के प्रख्यात गायक अवनिश कुमार ‘वसुंधरा परिवार हमर हई’ की प्रस्तुति की। साथ ही अरवल से चल कर आए लोक कलाकारों ने मगही लोक चैता की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में कला उत्सव संयोजक रंजय अग्रहरि, संस्कार भारती, बिहार के संगठन मंत्री वेद प्रकाश, दक्षिण बिहार के सह महामंत्री श्रीमती सुदीपा घोष, दक्षिण बिहार के मंत्री विकास कुमार मिश्र, पंकज कुमार, भारतेंदु सिंह, आदर्श कुमार, अमित पाठक, मेघनाथ आज़ाद, भोला कुमार, चंदन गोकुल संतोष कुमार, मोनू कुमार, सूरज प्रकाश, रिक्की विशेष रूप से उपस्थित थे।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












