
कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थी कि भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव एक महीने पहले शुक्रवार को बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने राजधानी दिल्ली पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। विनेश का जुलाना सीट से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। वहीं, बजरंग के भी चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। कांग्रेस में शामिल होने से पहले विनेश और बजरंग ने रेलवे की नौकरी छोड़ दी। दोनों ओएसडी स्पोर्ट्स के पद पर थे। इस मौके पर विनेश फोगाट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का बहुत धन्यवाद करती हूं कि बुरे टाइम पर पता लगता है कि साथ में कौन है। जब आंदोलन के दौरान हमें सड़क पर घसीटा जा रहा था, तब बीजेपी को छोड़कर देश की हर पार्टी हमारे साथ थी। मैं गर्व महसूस कर रही हूं कि मैं ऐसी पार्टी में हूं, महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और बुरे बर्ताव के खिलाफ खड़ी है। वहीं बजरंग ने कहा आज कहा जा रहा है कि हमारा मकसद सिर्फ राजनीति करना था। हमने बीजेपी को लेटर भेजा था। जो अत्याचार बेटियों के साथ हुआ था, कांग्रेस पार्टी हमारे साथ खड़ी रही। हमने जितनी मेहनत कुश्ती, किसान आंदोलन, अपने आंदोलन में की, उतनी ही मेहनत यहां भी करेंगे। विनेश के साथ ओलिंपिक में जो हुआ, पूरा देश दुखी था, हालांकि कुछ लोग खुशी मना रहे थे। ये गलत था। जैसा की विनेश ने कहा कि हम सभी देश की बेटियों के साथ हैं। इससे पहले दोनों कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके आवास पर मिले और फिर कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। मुलाकात के बाद खरगे ने तस्वीरे शेयर करते हुए लिखा कि आप दोनों पर हमें गर्व है। इससे पहले बुधवार को विनेश और बजरंग ने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी, जिसके बाद दोनों के कांग्रेस ज्वाइन करने की अटकलें तेज हो गई थीं। हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को वोटिंग होनी है, जबकि आठ अक्टूबर को नतीजों का एलान होगा। बता दें कि पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाटा को 50 किलोग्राम स्वर्ण पदक मुकाबले से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उनका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया था। खेल पंचाट न्यायालय ने भी संयुक्त सिल्वर मेडल दिए जाने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। अयोग्य घोषित किए जाने के एक दिन बाद 8 अगस्त को उन्होंने कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी। विनेश के घर लौटने के बाद से ही इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह अपनी चचेरी बहन बबीता की तरह सक्रिय राजनीति में प्रवेश करेंगी।
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Author: AK
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