
उत्तर प्रदेश समेत भाजपा शासित राज्यों में अपराधियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई पर देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट सहमत नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा शासित राज्यों को बड़ा झटका लगा है। वहीं दूसरी ओर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तमाम मुस्लिम संगठनों ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के अपराध करने पर योगी सरकार उनके घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई करती आ रही है। यूपी से शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई कई भाजपा शासित राज्यों में होने लगी। इसी के विरोध में मुस्लिम संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को देशभर में आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई सिर्फ आरोपी है तो प्रॉपर्टी गिराने की कार्रवाई कैसे की जा सकती है? जस्टिस विश्वनाथन और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने कहा, अगर कोई दोषी भी हो, तब भी ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती है।याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ में शामिल जस्टिस केवी जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि किसी को भी कमियों का फायदा नहीं उठाना चाहिए। पिता का बेटा अड़ियल या आज्ञा न मानने वाला हो सकता है, लेकिन अगर इस आधार पर घर गिराया जाता है, तो यह तरीका नहीं है।सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि कानून का उल्लंघन होने पर घरों को गिराया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम तभी कार्रवाई करते हैं जब कानून का उल्लंघन होता है। इसके जवाब में पीठ ने कहा, ‘लेकिन शिकायतों को देखते हुए, हमें लगता है कि उल्लंघन हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने लगाई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और बुलडोजर एक्शन लिया जा रहा है। अब इस केस की सुनवाई 17 सितंबर को होगी। जमीयत के वकील फारूक रशीद का कहना है कि अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करने और उन्हें डराने के लिए राज्य सरकारें घरों और संपत्तियों पर बुलडोजर एक्शन को बढ़ावा दे रही हैं। याचिका में यह भी आरोप है कि सरकारों ने पीड़ितों को अपना बचाव करने का मौका ही नहीं दिया। बल्कि कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए बिना पीड़ितों को तुरंत सजा के तौर पर घरों पर बुलडोजर चला दिया। वहीं दूसरी ओर कोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी ने भाजपा घेरा।
भाजपा की असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण ‘बुलडोज़र नीति’ पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी स्वागत योग्य है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 2, 2024
बुलडोज़र के नीचे मानवता और इंसाफ को कुचलने वाली भाजपा का संविधान विरोधी चेहरा अब देश के सामने बेनक़ाब हो चुका है।
बेलगाम सत्ता का प्रतीक बन चुके बुलडोज़र ने नागरिक अधिकारों को… pic.twitter.com/dzv7vVtLTg
राहुल ने बुलडोजर एक्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानवता और न्याय को बुलडोजर के नीचे कुचलने वाली भाजपा का संविधान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। राहुल ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस मामले में कोर्ट निर्देश जारी कर भाजपा सरकारों के लोकतंत्र विरोधी अभियान से जनता की रक्षा करेगा। देश बाबा साहब के संविधान से चलेगा, सत्ता की चाबुक से नहीं। दरअसल, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में देशभर में आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई सिर्फ आरोपी है तो प्रॉपर्टी गिराने की कार्रवाई कैसे की जा सकती है? जस्टिस विश्वनाथन और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने कहा, अगर कोई दोषी भी हो, तब भी ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
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Author: AK
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