मंगल, अप्रैल 14, 2026

हरियाणा में बगावती नेताओं ने भाजपा के लिए बढ़ाई मुसीबत, मंत्री, विधायक और पूर्व मंत्री समेत सैकड़ों ने पार्टी से दिया इस्तीफा

Rebellious Leaders in Haryana Increase Trouble for BJP: Hundreds, Including Ministers, Legislators, and Former Ministers, Resign from the Party

हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में बगावती स्वर कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं। टिकट न मिलने की वजह से हरियाणा भाजपा के सैकड़ों नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के चुनाव के लिए बीजेपी ने बुधवार को 67 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। लेकिन यह लिस्ट जारी होने के बाद से बीजेपी को अपने नेताओं की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा रहा है। कई नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कुछ ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है। करीब 22 विधानसभा सीटों पर भाजपा समर्थकों व पदाधिकारियों ने विरोध जताया है। हरियाणा में भाजपा को विरोध की तो उम्मीद थी, लेकिन ज्यादा बगावत की नहीं थी। हालांकि, पार्टी का कहना है कि इतना विरोध स्वाभाविक है। अभी पार्टी को 23 और उम्मीदवार घोषित करने हैं। इसलिए यह संख्या बढ़ भी सकती है। टिकट नहीं मिलने से नाराज मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री समेत 14 नेताओं ने इस्तीफे दे दिए हैं। राज्य के ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह चौटाला, विधायक लक्ष्मण दास, किसान मोर्चा के अध्यक्ष सुखविंदर श्योराण, प्रदेश उपाध्यक्ष जीएल शर्मा व पीपीपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उधर, मंत्री विशंभर वाल्मीकि, पूर्व मंत्री कविता जैन, सावित्री जिंदल, लतिका शर्मा के समर्थकों ने भी नाराजगी जताई है। ऊर्जा और जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला और विधायक लक्ष्मण दास नापा समेत कई नेताओं ने टिकट कटने पर नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी छोड़ने का एलान किया है। 24 घंटे से भी कम समय में पार्टी के 32 बड़े चेहरों ने अलविदा कह दिया है। इनमें 1 मंत्री, 1 विधायक, 5 पूर्व विधायक भी शामिल हैं। प्रदेश में रानियां, महम, बाढड़ा, थानेसर, उकलाना, सफीदों, पृथला, रेवाड़ी, इसराना, हिसार, समालखा में बगावत दिखी। प्रदेश में अब तक पूर्व मंत्री व विधायकों सहित 250 से अधिक नेताओं व पदाधिकारियों ने विभिन्न पदों से इस्तीफा देते हुए पार्टी छोड़ दी है। सूची जारी होने के बाद जहां कुछ नेताओं की आंखों में टिकट न मिलने को लेकर गम के आंसू थे तो वहीं कुछ नेता टिकट पाकर खुशी की आंसू रो रहे थे। लिस्ट जारी होते ही सबसे पहले हरियाणा भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कर्णदेव कंबोज ने त्यागपत्र दिया। वह भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं। वहीं, देश की चौथी सबसे अमीर महिला एवं भाजपा सांसद नवीन जिंदल की मां सावित्री जिंदल ने भी आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। भाजपा ने मौजूदा नौ विधायकों को टिकट नहीं दिया है। ऐसी चर्चा थी कि हिसार से भाजपा पूर्व मंत्री व सांसद नवीन जिंदल की माता सावित्री जिंदल पर दांव खेलेगी। मगर भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। जिसके बाद उन्होंने आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। सावित्री जिंदल का नाम देश की सबसे अमीर महिला के रूप में दर्ज है। सावित्री जिंदल ने इस बात पर जोर दिया कि वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगी। दूसरी भाजपा नेतृत्व ने भी डैमेज कंट्रोल के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव सह प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने रोहतक स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में बैठक और तीन महासचिवों को नाराज नेताओं को मनाकर बगावत थामने की जिम्मेदारी सौंपी है। अभी कांग्रेस की सूची आने के बाद स्थिति साफ होगी, क्योंकि वहां पर भी उम्मीदवार घोषित होने के बाद काफी बगावत होने के आसार हैं।

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Author: AK

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