
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम के तहत बिहार के जिलों का दौरा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी और उनके क्षेत्र की समस्या की जानकारी ले रहे हैं। इसी बीच बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर उनकी जासूसी कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
तेजस्वी का दावा है कि उनके कार्यकर्ता संवाद की बैठक में सीआईडी और स्पेशल ब्रांच के लोग जासूसी करते पकड़े गए थे। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार डरे हुए हैं इसलिए अब वह मेरी जासूसी करा रहे हैं। दरअसल, तेजस्वी यादव ने रविवार को दूसरे दिन झंझारपुर में कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इसके बाद जिला अतिथि गृह में प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का इकबाल खत्म हो गया है और हताशा में आकर मेरी जासूसी करा रहे हैं। मेरे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में सीआईडी और स्पेशल ब्रांच वाले बैठे हुए थे।

दरभंगा में उनके आईकार्ड से उनकी पहचान की गई। उन्होंने कहा कि हमलोग सत्ता में आए तो केवल 17 महीने में 5 लाख लोगों को नौकरी दे दी। बिहार में जाति आधारित जनगणना कराया और तमिलनाडु की तर्ज पर बिहार में आरक्षण दिया। आरजेडी की सरकार ने 4 लाख नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिलाने का काम किया है। वहीं के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि संजय झा को कौन जानता है। जो चुनाव नहीं लड़ा उनको जमीनी हकीकत से क्या लेना है। अभियंता दिवस पर छपी विज्ञापन पर बोलते हुए कहा कि राज्य में पुल पुलिया गिर रहा है। शराब, जुआ में जेडीयू के लोग पकड़े जा रहें हैं। भ्रष्टाचार के पैसों से विज्ञापन हो रहा है।
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Author: AK
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