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Ajmer Sex Scandal Case Verdict: देश के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल के 6 दोषियों को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा, 32 साल पहले 100 से अधिक छात्राओं के साथ खेला गंदा खेल, जानिए इन आरोपियों ने कैसे किया ब्लैकमेल

Ajmer Sex Scandal Case Verdict

राजस्थान के अजमेर शहर में 32 साल पहले हुआ अजमेर सेक्स स्कैंडल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। देश के सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल के 6 दोषियों को अजमेर की पोक्सो कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 5-5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने नफीस चिश्ती (54), नसीम उर्फ टार्जन (55), सलीम चिश्ती (55), इकबाल भाटी (52), सोहिल गनी (53), सैयद जमीर हुसैन (60) को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाते वक्त सभी 6 दोषी कोर्ट में थे। एक आरोपी इकबाल भाटी को एम्बुलेंस से दिल्ली से अजमेर लाया गया था।

स्कैंडल के वक्त इन सभी की उम्र 20 से 28 साल थी। इन आरोपियों ने स्कूल में पढ़ने वाली भोली भाली मासूम लड़कियों को पूरी प्लानिंग के साथ जाल में फंसाया और भी एक करके रेप करते चले गए। अजमेर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वालीं 17 से 20 साल की 100 से भी ज्यादा लड़कियों को छ्दम बहाने से जाल में फंसा कर उनकी न्यूड फोटो खींचकर ब्लैकमेल कर उनका यौन शोषण किया। ये बात तब की है जब इंटरनेट नहीं था तब खबरों का जरिया या तो अखबार था या रेडियो और टीवी पर दूरदर्शन। खबरों को जन जन तक पहुंचने में आज के मुताबिक काफी वक्त लगता था लेकिन उस दौर में भी एक खबर ऐसी थी जिसने हर तरफ हलचल पैदा कर दी। खबर आग की तरह हर तरफ फैल गई। वो खबर थी अजमेर शरीफ दरगाह में चलने वाला वहशी खेल। जहां 100 से ज्यादा हिन्दू लड़कियों को कुछ दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बनाया। मामला खुलने पर पूरे देश भर में भूचाल मच गया था।

आइए जानते हैं 32 साल पहले क्या हुआ था। इसमें अधिकांश आरोपी मुसलमान थे। साल 1992 में 100 से ज्यादा कॉलेज गर्ल्स के साथ गैंगरेप और उनकी न्यूड फोटो सर्कुलेट होने पर तहलका मच गया था। कई छात्राओं ने बदनामी के डर से सुसाइड कर लिया था। दरअसल आरोपियों ने रील डेवलप करने के लिए लैब में दी थी। न्यूड तस्वीरें देख लैब के कर्मचारियों की नीयत बिगड़ गई थी। उनके माध्यम से ही लड़कियों की न्यूड फोटो बाजार में आई। मास्टर प्रिंट कुछ लोगों के पास ही थे, लेकिन इनकी जेरोक्स कॉपी शहर में सर्कुलेट होने लगी। ये फोटो, जिसके भी हाथ में लगी, उसने लड़कियों को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस कारण कॉलेज की 6 लड़कियों ने सुसाइड कर लिया।

तत्कालीन सरकार ने यह केस सीआईडी-सीबी को सौंपा था। मामले में 18 आरोपी थे। 4 सजा भुगत चुके हैं। अजमेर शहर ही नहीं समूचा राजस्थान साल 1992 में तब हिल गया था, जब 100 से ज्यादा लड़कियों के साथ यौन शोषण और गैंगरेप के बाद नग्न तस्वीरों के जरिये ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया था। एक स्थानीय न्यूजपेपर में यह रिपोर्ट छपने के बाद हड़कंप मच गया, जिसके बाद जांच कराई गई। राजस्थान पुलिस की जांच में अजमेर यूथ कांग्रेस का तत्कालीन अध्यक्ष फारुक चिश्ती समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया था। फारुक को ही इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया गया था। इस मामले में पुलिस ने जिन 18 आरोपियों का नाम चार्जशीट में शामिल किया था, उनमें से 9 को सजा मिल चुकी है, जबकि 1 आरोपी ने मुकदमा चलने के दौरान ही आत्महत्या कर ली थी। एक आरोपी आज तक फरार है, जिसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। बाकी 6 आरोपियों को पॉक्सो कोर्ट ने आज सजा सुनाई है। एक आरोपी पर लड़के से कुकर्म का मुकदमा अलग से चल रहा है। इस लड़के के साथ कुकर्म से ही सारा खेल शुरू हुआ था, जिसने 100 से ज्यादा लड़कियों की जिंदगी बरबाद कर दी थी। यह गैंगरेप केस कोई आम मामला नहीं था बल्कि कानून को ताक पर रखकर बेखौफ अय्याशी का नग्न नमूना माना जाता है।

दरअसल तत्कालीन अजमेर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष फारुक चिश्ती उसके साथियों नफीस चिश्ती व अनवर चिश्ती ने अन्य दोस्तों के साथ मिलकर इस पूरे खेल को रचा था। इस खेल में एक लड़की के साथ गैंगरेप कर उसकी नग्न तस्वीरें तैयार की जातीं, फिर उसे दूसरी लड़की लाने के लिए मजबूर किया जाता। दूसरी लड़की को तीसरी, तीसरी को चौथी। इसी तरह यह कड़ी बढ़ते-बढ़त 100 से ज्यादा लड़कियों को इस अय्याश गैंग के जाल में फंसा गई। इन सब लड़कियों के साथ जब चाहे, तब अय्याशी की जाती थी। साथ ही उन्हें अपने घर से पैसा भी लाने के लिए मजबूर किया जाता था।

पुलिस ने अदालत में बताया कि इन सभी ने सबसे पहले एक कारोबारी के बेटे को दोस्ती के जाल में फंसाकर उसके साथ कुकर्म किया गया। उस कुकर्म की नग्न तस्वीरें क्लिक की गईं। इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने के नाम पर उसे अपने गर्लफ्रेंड को पोल्ट्री फार्म में लाने के लिए मजबूर किया गया। गर्लफ्रेंड के साथ सभी ने मिलकर गैंगरेप किया। इसके बाद उसकी नग्न तस्वीरें क्लिक की गईं। इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने के नाम पर उसे अपनी सहेलियों को लाने के लिए मजबूर किया गया। इसी तरह सभी लड़कियों की तस्वीरें तैयार कर ली गईं। ब्लैकमेलिंग का यह इतना बड़ा स्कैंडल तब सामने आया, जब इन नग्न तस्वीरों के दम पर यह अय्याश गिरोह पैसा भी कमाने लगा। ये नग्न तस्वीरें आपस में शेयर कर लड़कियों के साथ सेक्स करने का न्योता दिया जाने लगा। इसी दौरान एक स्थानीय मीडियाकर्मी को इस खेल की भनक लग गई और उसने पूरी रिपोर्ट छाप दी।

रिपोर्ट छपते ही हड़कंप मच गया और पुलिस को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी, जिसके बाद पूरा मामला खुलता चला गया। अजमेर के इस कांड पर एक फिल्म भी बन चुकी है। इसका निर्देशन पुष्पेन्द्र सिंह ने किया था। भारी विरोध के कारण इसकी रिलीज दो बार टालनी पड़ी थी, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं दिखा सकी।

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Author: AK

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