
भारत की पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक 2024 के फाइनल से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उनका वजन 50 किलोग्राम की तय सीमा से 100 ग्राम ज्यादा था।
इसके बाद विनेश ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट्स (CAS) के सामने खुद को रजत पदक देने की अपील की थी। जिसपर अब CAS का फैसला आ गया है और उन्होंने भी विनेश को पदक देने से इंकार कर दिया है। और इसके साथ हीं भारत को एक और पदक मिलने की उम्मीद खत्म हो गई।
विनेश ने क्यों की थी अपील?
बता दें कि पिछले मंगलवार को जापान की युई सुसाकी के खिलाफ जीत सहित तीन जीत के साथ महिलाओं की 50 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली विनेश को अंतत: स्वर्ण पदक जीतने वाली अमेरिका की सारा हिल्डेब्रांट के खिलाफ खिताबी मुकाबले से बाहर कर दिया गया क्योंकि सुबह वजन करते समय उनका वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम अधिक पाया गया था। इस पहलवान ने पिछले बुधवार को खेल पंचाट में इस फैसले के खिलाफ अपील की और मांग की कि उसे क्यूबा की पहलवान युस्नेलिस गुजमेन लोपेज के साथ संयुक्त रजत पदक दिया जाए। लोपेज सेमीफाइनल में विनेश से हार गई थी, लेकिन बाद में भारतीय पहलवान को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उन्हें फाइनल में जगह मिली। अयोग्य ठहराए जाने के एक दिन बाद विनेश ने खेल से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि उनके पास खेल जारी रखने की ताकत नहीं है। हालांकि, दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों ने इस 29 वर्षीय पहलवान का समर्थन किया है जो अपने तीसरे ओलंपिक खेलों में भाग ले रही थी। इस मामले पर नौ अगस्त को ही सुनवाई हुई थी और माना जा रहा था कि फैसला उसी दिन आ जाएगा, लेकिन इसे 10 अगस्त तक के लिए टाला गया था। फिर इसे टालकर 13 अगस्त को कर दिया गया था। मंगलवार को जानकारी दी गई थी कि विनेश के मामले में फैसला 16 अगस्त को रात साढ़े नौ बजे फैसला आएगा, लेकिन खेल पंचाट ने बुधवार रात ही अपना फैसला सुना दिया जिससे विनेश के साथ पूरे देश की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
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Author: AK
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