रवि, अप्रैल 12, 2026

बार-बार फरलो: विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा सरकार गुरमीत राम रहीम पर मेहरबान, पैरोल पर फिर जेल से बाहर, वीआईपी की तरह ठिकाने पर रवाना हुआ

Rape convict Gurmeet Ram Rahim gets parole again, walks out of jail for 21 days

दुष्कर्म और हत्या के मामले में 20 साल की जेल में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर बाहर आ गया। राम रहीम का हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 21 दिन के पैरोल पर जेल से बाहर आना सुर्खियों में आ गया है। यह आरोपी 10वीं बार पैरोल पर जेल से बाहर आया है। गुरमीत राम रहीम की 21 दिन की फरलो मंजूर हो गई है। मंगलवार सुबह राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया। वह उत्तर प्रदेश के बागपत में स्थित बरनावा आश्रम पहुंच गया है। राम रहीम को जेल से बाहर निकालने के लिए हरियाणा सरकार एक बार फिर मेहरबान रही। जब-जब राम रहीम जेल से बाहर आता है तब उसके लिए वीआईपी की तरह इंतजाम की जाते हैं। जैसे जेल से निकला तब 2 घंटे पहले ही 20 से 25 गाड़ियां बाहर लग जाएगी। पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी भी साथ में सुरक्षा व्यवस्था देखते हैं। ऐसा लगता है जैसे से अपराधी नहीं कई बड़ा नेता बाहर आ रहा हो। इस बार भी ऐसे ही हुआ। आज सुबह जेल से बाहर निकलते ही राम रहीम इंपॉर्टेंट गाड़ी में बैठकर अपने ठिकाने पर रवाना हुआ। उसके पीछे गाड़ियों का काफिला चल रहा था। दो दिन पहले ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कहा था कि वह राम रहीम को सोच-समझकर ही फरलो या पैरोल दे। इसके बाद सरकार ने राम रहीम को इस शर्त पर फरलो दी कि वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में नहीं जाएगा। हरियाणा में अब से 2 महीने बाद 90 सीटों पर विधानसभा के चुनाव होने हैं। राम रहीम को पहले 6 चुनावों में 192 के लिए फरलो या पैरोल मिल चुकी है। गुरमीत को साध्वी दुष्कर्म मामले में वर्ष 2017 में सजा सुनाई गई थी। बाद में उसे छत्रपति हत्याकांड और रणजीत हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है। तभी से वह सुनारिया जेल में बंद है। पिछली बार 19 जनवरी को सरकार ने राम रहीम को 50 दिन की पैरोल दी थी, जो यूपी के बरनावा आश्रम में व्यतीत की गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर फैसला दिया था कि रामरहीम को पैरोल या फरलो हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर न दी जाए। राम रहीम की तरफ से हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर पैरोल या फरलो पर रोक हटाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि प्रदेश सरकार रामरहीम की पैरोल या फरलो देने का फैसला खुद ले। इसके बाद रामरहीम ने 21 दिन की फरलो की अर्जी दाखिल की थी। सरकार ने अर्जी स्वीकार कर ली और सोमवार को फरलो मंजूर कर ली। राम रहीम का चुनाव से पहले जेल से बाहर आना नई बात नहीं है। इससे पहले भी उसे अलग-अलग चुनाव से पहले पैरोल-फरलो मिल चुकी है। वह हरियाणा के पंचायत चुनावों के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में बाहर आ चुका है।राम रहीम की फरलो पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत का कहना है कि जब चुनाव में भारतीय जनता पार्टी फंसती है, तब रहीम के गोद में जाकर बैठ जाती है। क्या भाजपा अपने बूते चुनाव नहीं जीत सकती है? वहीं राम रहीम के फरलो पर सत्ताधारी बीजेपी चुप है. कांग्रेस की तरफ से उठते सवाल और बीजेपी की चुप्पी के बीच चर्चा यह है कि क्या राम रहीम सच में चुनाव में प्रभावी हैं। बता दें कि राम रहीम के अनुयायी पंजाब के मालवा, राजस्थान के श्रीगंगानगर, हरियाणा के सिरसा-अंबाला और हिमाचल में रहते हैं। राम रहीम को कब-कब मिली फरलो और पैरोल। 24 अक्टूबर 2020: राम रहीम को पहली बार अस्पताल में भर्ती मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल मिली, 21 मई 2021: मां से मिलने के लिए दूसरी बार 12 घंटे की पैरोल दी गई, 7 फरवरी 2022: परिवार से मिलने के लिए डेरा प्रमुख को 21 दिन की फरलो मिली, जून 2022: 30 दिन की पैरोल मिली। यूपी के बागपत आश्रम भेजा गया, 14 अक्टूबर 2022: राम रहीम को 40 दिन की लिए पैरोल दी गई। वो बागपत आश्रम में रहा और इस दौरान म्यूजिक वीडियो भी जारी किए, 21 जनवरी 2023: छठीं बार 40 दिन की पैरोल मिली। वो शाह सतनाम सिंह की जयंती में शामिल होने के जेल से बाहर आया, 20 जुलाई 2023: सातवीं बार 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया, 21 नवंबर 2023: राम रहीम को 21 दिन की फरलो लेकर बागपत आश्रम गया।

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Author: AK

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