
भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा को ओलंपिक आंदोलन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के द्वारा ओलंपिक ऑर्डर अवॉर्ड से आज सम्मानित किया जाने वाला है। उन्हें यह सम्मान ओलंपिक के समापन से एक दिन पहले पेरिस में 142वें आईओसी सत्र के दौरान दिया जाएगा। इससे पहले भारत की पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 1983 में इस अवॉर्ड से नवाजा गया था।
खेल को बढ़ावा देने के लिए दिया जाता है यह सम्मान:


आपको बता दें की 1975 में स्थापित ओलंपिक ऑर्डर, ओलंपिक आंदोलन का सर्वोच्च पुरस्कार है। यह ओलंपिक के दौरान या इसको कराने में विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। यानी खेल को बढ़ावा देने के लिए योग्य प्रयासों के आधार पर लोगों को चुना जाता है और उन्हें सम्मानित किया जाता है। यह सम्मान IOC प्रत्येक ओलंपिक खेलों के समापन समारोह में मुख्य राष्ट्रीय आयोजकों को ओलंपिक ऑर्डर प्रदान करता है।
2008 में अभिनव बिंद्रा ने जीता था स्वर्ण पदक:
41 वर्षीय अभिनव बिंद्रा ने 2008 बीजिंग खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता जीतकर भारत के पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था। वह 2010 से 2020 तक अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) की एथलीट समिति के सदस्य थे। 2014 से इसके अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। फिल्हाल वह 2018 से आईओसी एथलीट आयोग के सदस्य हैं।
क्या होता है ओलंपिक ऑर्डर सम्मान?

ओलंपिक ऑर्डर आईओसी का एक सर्वोच्च पुरस्कार है, जो ओलंपिक आंदोलन में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। यह पुरुस्कार उस व्यक्ति को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है जिसने अपने कार्यों के माध्यम से ओलंपिक आदर्श को दर्शाया हो, खेल जगत में उल्लेखनीय योग्यता हासिल की हो, या ओलंपिक के लिए अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि या खेल के विकास में अपने योगदान के माध्यम से उत्कृष्ट सेवाएं दी हों। इसके नामांकन ओलंपिक ऑर्डर काउंसिल द्वारा प्रस्तावित किए जाते हैं और कार्यकारी बोर्ड द्वारा उन पर निर्णय लिया जाता है।
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Author: AK
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