सोम, अप्रैल 13, 2026

रेस्क्यू अभियान के बीच हिमाचल प्रदेश में फिर फटा बादल, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी दहशत का माहौल

Cloudburst Hits Himachal Pradesh Again Amid Rescue Operations, Panic Spreads in Uttarakhand's Hill Areas
Cloudburst Hits Himachal Pradesh Again Amid Rescue Operations, Panic Spreads in Uttarakhand's Hill Areas

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा रखा है। दोनों राज्यों में लैंडस्लाइड और बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इसके साथ जान-माल का भी नुकसान हुआ है। भूस्खलन होने से अभी भी कई लोग लापता हैं। रेस्क्यू अभियान के बीच हिमाचल प्रदेश में फिर बादल फट गया । लाहौल स्पीति की पिन वैली में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बादल फटने से बाढ़ आ गई। इसमें एक महिला बह गई। देर शाम पुलिस ने उसका शव बरामद किया। इससे पहले गुरुवार को 5 जगह बादल फटने से 7 लोगों की मौत हुई थी। 46 लोग लापता हैं। उत्तराखंड के हालात भी कुछ कम भयावह नहीं हैं। टिहरी और केदारनाथ के भीमबली में भी बादल फटने से अफरा तफरी मची हुई है।घनसाली विधानसभा क्षेत्र के जखन्याली में नौताड़ गदेरे में बादल फटने से गदेरे के पास खुले होटल बह गया।केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने और भूस्खलन की घटना के तीन दिन बाद शुक्रवार को लिनचोली में मलबे में दबे तीन शव बरामद हुए हैं। हेली संचालन के लिए मौसम खुलते ही भीमबली से एयर लिफ्ट कर फंसे हुए श्रद्धालुओ कों रेस्क्यू करना शुरू कर दिया गया है। शनिवार को मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने शासकीय आवास से वर्चुअली जिलाधिकारी (रुद्रप्रयाग) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (रुद्रप्रयाग) से बात कर आपदा संबंधित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। भारी बारिश के कारण केदार घाटी में रास्ते क्षतिग्रस्त होने के चलते विभिन्न पड़ावों पर फंसे हुए तीर्थ यात्रियों एवं स्थानीय लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सहित अन्य सुरक्षा बल लगातार कार्य कर रहे हैं। वहीं शनिवार को बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से कुछ घंटों के लिए बाधित रहा, लेकिन बाद में जेसीबी द्वारा मलबा हटाकर हाईवे पर यातायात सुचारू किया गया। बता दें कि बादल फटने की घटनाएं अक्सर तेज गरज के साथ बारिश के दौरान होती हैं। जब नमी वाले बादल बड़ी मात्रा में एक जगह पर इकट्ठा हो जाते हैं और पानी की बूंदें एक साथ मिल जाती हैं। बूंदों का भार ज्यादा होने की वजह से बादल की डेंसिटी बढ़ती है और तेज बारिश अचानक होने लगती है। ऐसा तब होता है जब गर्म हवा की धाराएं बारिश की बूंदों संग मिलकर सामान्य बहाव को बाधित करती हैं, जिससे पानी जमा हो जाता है और बादल फट जाता है। कुछ ही सेकेंड में 2 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो जाती है। आमतौर पर पहाड़ों पर 15 किमी की ऊंचाई पर बादल फटते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने इन 4 राज्यों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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Author: AK

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