
झारखंड और असम में रेल हादसों को लेकर गुरुवार को लोकसभा में खूब हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों के सवालों का जवाब देने के लिए जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खड़े हुए तो विपक्ष के नेता हंगामा करने लगे। बार-बार रील मंत्री कहे जाने पर अश्विनी वैष्णव भड़क उठे। लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेनों की सेफ्टी पर बात की। इस पर विपक्ष ने ताजा हादसों पर सवाल पूछा और हंगामा किया।संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कहा कि हम केवल रील बनाने वाले नहीं, काम करने वाले लोग हैं। उन्होंने रेल हादसों पर कहा कि एक भी हादसा खराब होता है। यूपीए के कार्यकाल में सालाना 171 एक्सीडेंट होते थे। वो करीब 68 फीसदी कम हुए हैं। रेल मंत्री ने संसद में बताया कि हादसों को रोकने के लिए पूरे देश में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग कर दी गई है, जहां हर साल कोई स्कूल बस या कोई दुर्घटना हो जाती थी। स्टेशंस का पूरा कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के माध्यम से होता है। दुनिया के बड़े देशों में 1980-90 के दशक में लग गई थी। अपने यहां स्लो पेस से काम चल रहा था। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार में आने के बाद हमने 2015 में एटीपी डेवलप करने का संकल्प लिया और 2016 में कवच के ट्रायल्स शुरू हुए। कोविड के बावजूद 2020-21 में इसके एक्सटेंडेट ट्रायल्स हुए, तीन मैन्युफैक्चरर्स को चिह्नित किया और और 2023 में तीन हजार किलोमीटर का प्रोजेक्ट रोलआउट हुआ और आज हम उस स्थिति में है कि दो मैन्युफैक्चरर्स जुड़ने वाले हैं, हमने आठ हजार से अधिक इंजीनियर्स को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने आगे कहा, ‘रेलवे के सुधार के लिए सबको साथ आना होगा। सपा और कांग्रेस ने एक रणनीति के तहत अयोध्या के पुराने रेलवे स्टेशन की दीवार की तस्वीर साझा करके नए रेलवे स्टेशन के डैमेज होने की बात कही थी, जो झूठ निकला। सोशल मीडिया की अपनी ट्रोल सेना की मदद से कांग्रेस झूठी बातें फैलाती है। क्या वे उन 2 करोड़ लोगों के दिलों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं जो हर दिन रेलवे से यात्रा करते हैं। हम वे लोग नहीं हैं जो रील बनाते हैं, हम कड़ी मेहनत करते हैं, आप जैसे लोग केवल और केवल पब्लिसिटी के लिए, दिखावे के लिए रील बनाते हैं। इसके बाद उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि माननीय अध्यक्ष जी हाउस को ऑर्डर में लाइए। ये क्या तरीका है। कुछ भी बोल देते हैं। इस दौरान सदन में हंगामा मच गया और सत्ता पक्ष के सांसदों को भी खड़े होकर विपक्षी सांसदों का विरोध करते हुए देखा गया है।
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Author: AK
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