
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कई दिनों से मस्जिद को लेकर हिंदू संगठनों का चला आ रहा विरोध प्रदर्शन आज उग्र हो गया। राजधानी शिमला के संजौली इलाके में मस्जिद को लेकर चल रहा हिंदू संगठनों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।हिंदू संगठन अब सड़कों पर उतर आए हैं। हिंदू संगठनों की मांग है कि मस्जिद का अवैध निर्माण गिराया जाए। यह विवाद तब और भड़क उठा जब कल मलयाना में दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी। आज बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए मस्जिद की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया है, और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि सभी को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कोई ऐसी स्थिति न बने जिससे प्रदेश की शांति खराब हो। प्रदेश का लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने नहीं दिया जा सकता है। पूरा मामला कोर्ट में है। अगर वो जगह अवैध पाई गई तो कार्रवाई होगी और कानून के तहत उसको ढाहाया जाएगा। यह मुद्दा हिमाचल प्रदेश की सियासत में भी छाया हुआ है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में मस्जिद निर्माण के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘संजौली बाजार में महिलाओं का चलना मुश्किल हो गया है। चोरियां हो रही हैं, लव जिहाद जैसी घटनाएं हो रही हैं, जो प्रदेश और देश के लिए खतरनाक हैं। मस्जिद का अवैध निर्माण हुआ है। पहले एक मंजिल बनाई, फिर बिना परमिशन के बाकी मंजिलें बनाई गईं। 5 मंजिल की मस्जिद बना दी गई है। प्रशासन से यह सवाल है कि मस्जिद के अवैध निर्माण का बिजली-पानी क्यों नहीं काटा गया?’असदुद्दीन ओवैसी ने हिमाचल प्रदेश के मंत्री अनिरुद्ध सिंह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा की भाषा बोलने का आरोप लगाया था। ओवैसी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा था, ‘क्या हिमाचल की सरकार भाजपा की है या कांग्रेस की? हिमाचल की ‘मोहब्बत की दुकान’ में नफरत ही नफरत है। बता दें कि मस्जिद विवाद एक लड़ाई की वजह से शुरू हुआ। जहां शिमला के मल्याणा इलाके में एक हिंदू व्यक्ति के साथ करीब 6 लोगों ने मारपीट की थी। जिसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मारपीट को लेकर उक्त व्यक्ति ने थाने में केस दर्ज कराया और बताया कि मारपीट के बाद सभी आरोपी मस्जिद में छिप गए। जब हिंदू संगठनों को इसका पता चला तो उन्होंने संजौली मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और इस मस्जिद को अवैध बताकर इसे गिराने की मांग उठाई। इसके बाद धीरे-धीरे लोगों का ये प्रदर्शन आक्रोश में बदल गया।
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Author: AK
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