
उत्तर प्रदेश में रायबरेली सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ गई है। यूपी में रायबरेली और अमेठी कांग्रेस के गढ़ माने जाते हैं। हालांकि अमेठी में साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को हार मिली थी। पिछले चुनाव में रायबरेली से कांग्रेस ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। यहां से सोनिया गांधी लोकसभा चुनाव जीत कर संसद पहुंची थीं। लेकिन अब सोनिया राजस्थान से राज्यसभा सांसद निर्वाचित हो गई हैं। सोनिया के राज्यसभा जाने के बाद कांग्रेस ने रायबरेली से राहुल गांधी को टिकट दिया है। राहुल गांधी केरल के वायनाड के अलावा उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से भी प्रत्याशी हैं। सोनिया इस सीट से लगातार पांच बार सांसद रह चुकी हैं। वहीं, आजादी के बाद कांग्रेस को मात्र तीन बार इस सीट से हार मिली है।इस सीट से फिरोज गांधी से लेकर इंदिरा गांधी, अरुण नेहरू और सोनिया गांधी तक संसद पहुंचते रहे हैं। हालांक, 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह ने सोनिया को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन उनसे 1.5 लाख वोटो से पीछे रह गए थे। भाजपा ने उन पर फिर भरोसा जताया है। कांग्रेस पार्टी रायबरेली को हर हाल में इस बार जीतना चाहती है।
पिछले कई दिनों से राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी यहां पर डेरा जमाए हुए हैं। शुक्रवार को सोनिया गांधी भी एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचीं। रायबरेली में अखिलेश-राहुल की रैली में सोनिया गांधी भी शामिल हुईं। शुक्रवार को जब सोनिया गांधी ने रायबरेली के मंच से भाषण दिया, तो उस भाषण के शब्दों में भावनाएं और भावुकता भरी हुई थीं। उन्होंने कहा- ‘मैं आपको अपना बेटा सौंप रही हूं। जैसे आपने मुझे अपना माना, वैसे ही राहुल को मानकर रखना है। राहुल आपको निराश नहीं करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने राहुल और प्रियंका को वही शिक्षा दी, जो रायबरेली और इंदिरा जी ने मुझे दी थी। सबका आदर करो। कमजोरों की रक्षा करो। अन्याय के खिलाफ जिससे भी लड़ना पड़े, लड़ पड़ो। डरना नहीं, वह डरेंगे भी नहीं, क्योंकि न्याय और परंपरा की तुम्हारी जड़ें बहुत मजबूत हैं। रायबरेली में पांचवें चरण में 20 मई को वोट डाले जाएंगे।
Author: AK
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