
आखिरकार कांग्रेस पार्टी ने नामांकन के आखिरी दिन शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की रायबरेली और अमेठी से सस्पेंस खत्म करते हुए प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि राहुल गांधी अपनी परंपरागत सीट अमेठी से इस बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। लेकिन ऐनमौके पर पार्टी हाईकमान ने राहुल गांधी की सीट बदलकर रायबरेली कर दी है। राहुल गांधी पहली बार रायबरेली संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। राहुल गांधी की रायबरेली से टक्कर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह से होगी। भाजपा ने गुरुवार, 2 मई को रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह को प्रत्याशी घोषित किया था। इस साल की शुरुआत में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट को छोड़ दिया था। वहीं कांग्रेस ने गांधी परिवार के विश्वासपात्र किशोरी लाल शर्मा को अमेठी से स्मृति ईरानी के खिलाफ उतारा है। इन दोनों सीटों पर नामांकन का आखिरी दिन आज यानी शुक्रवार को ही है। ऐसे में ऐन वक्त पर पार्टी ने तय किया है कि राहुल गांधी रायबरेली और किशोरी लाल शर्मा अमेठी लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में होंगे।

केएल शर्मा, सोनिया गांधी के प्रतिनिधि रह चुके हैं। इसी के साथ प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लग गया। कांग्रेस ने शुक्रवार सुबह इसकी आधिकारिक घोषणा की। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बात की जानकारी दी है कि अमेठी और रायबरेली सीट पर फैसला हो गया है। कांग्रेस ने लिखा,”केंद्रीय चुनाव समिति’ की बैठक में लोकसभा चुनाव, 2024 के लिए श्री राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के रायबरेली से और श्री किशोरी लाल शर्मा को अमेठी से कांग्रेस उम्मीदवार घोषित किया गया है। बता दें केएल शर्मा मूलत: लुधियाना के निवासी हैं और लंबे समय से गांधी परिवार के करीबी हैं। अमेठी व रायबरेली में वही चुनावी रणनीति बनाने और संचालित करने का काम करते आए हैं। रायबरेली का जिम्मा तो वह अब तक पूरी तरह उठाते आए हैं। अमेठी में जरूर पिछले दो चुनाव उनके बजाय भोपाल निवासी राहुल के करीबी नेता चंद्रकांत दुबे कमान संभालते रहे हैं।
हालांकि, वह इस बार नहीं दिख रहे। किशोरी लाल को सोनिया के लिए चाणक्य का किरदार निभाने वाला माना जाता है। 2014 और 2019 में अमेठी सीट पर राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच चुनावी मुकाबला देखा गया। 2014 में राहुल ने जीत हासिल की थी। जबकि 2019 में स्मृति ईरानी ने बड़ा उलटफेर किया था और पहली बार जीत हासिल की थी। इस बार कांग्रेस ने अमेठी में नया दांव खेला है और अपने करीबी किशोरीलाल शर्मा को मैदान में उतारकर चौंका दिया है। अमेठी सीट पर राहुल गांधी ने पहली बार 2004 में चुनाव जीता था। उसके बाद वे लगातार तीन बार 2019 तक वहां से संसद सदस्य बने रहे। राहुल वर्तमान में केरल के वायनाड सीट से सांसद हैं और इस बार भी उन्होंने वायनाड से चुनाव लड़ा है। वहां दूसरे चरण में वोटिंग हो गई है। दोनों सीटें, जो गांधी परिवार का गढ़ हुआ करती थीं, उन पर पांचवें चरण 20 मई को मतदान होना है।
यह भी पढ़े: इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चुनावी चंदे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












