
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग के नागिन इलाके में एलओसी के पास गुरुवार शाम 18 राष्ट्रीय राइफल्स के वाहन पर आतंकियों ने हमला किया। आतंकियों की गोलीबारी में 2 जवान शहीद हो गए। इसके अलावा सेना के लिए काम करने वाले 2 पोर्टर की भी मौत हो गई। पोर्टर सेना की मदद के लिए होते हैं, वे पहाड़ी इलाके और फ्रंट पोस्ट पर सामान पहुंचाने में मदद करते हैं। हमले में सेना के 3 जवान घायल हुए थे। सभी घायलों को श्रीनगर के 92 बेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, इनमें से 2 ने दम तोड़ दिया। वहीं, हमले पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि उत्तरी कश्मीर के बूटा पथरी इलाके में सेना के वाहनों पर हुए हमले की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोग हताहत और घायल हुए हैं। कश्मीर में हाल ही में हुए हमलों की यह श्रृंखला गंभीर चिंता का विषय है। मैं इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं और जान गंवाने वाले लोगों के प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग पूरी तरह से और जल्दी ठीक हो जाएं। पिछले एक हफ्ते में कश्मीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर यह तीसरा हमला है। इससे पहले रविवार को गांदरबल जिले में एक निर्माण स्थल पर हुए आतंकी हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर मारे गए थे। वहीं, 18 अक्टूबर को शोपियां जिले में आतंकवादियों ने बिहार के एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गुरुवार सुबह पुलवामा के त्राल इलाके में आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के एक मजदूर शुभम कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया। पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से जम्मू-कश्मीर में स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए पूरी लगन से काम करने का आह्वान किया।
Author: AK
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