सोम, अप्रैल 13, 2026

पीएम विद्यालक्ष्मी: हायर एजुकेशन में बच्चों की फीस जमा करने के लिए अब अभिभावकों को नहीं भटकना पड़ेगा, बिना गारंटर के 10 लाख तक मिलेगा एजुकेशन लोन

PM Vidyalakshmi: Education Loan up to 10 lakhs will be available without a guarantor for higher education

यह खबर उन मेधावी बच्चों के लिए है जो उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं और उनके पास फीस देने के पैसे नहीं है। अब कोई भी विद्यार्थी हायर एजुकेशन में आसानी से एडमिशन ले सकेगा । इसके साथ आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों की भी टेंशन खत्म होगी और उन्हें बेटे-बेटियों की फीस जमा करने के लिए इधर-उधर भटकना भी नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार ने बिना गारंटर के 10 लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन के लिए योजना शुरू की है। जिसका नाम ‘पीएम विद्यालक्ष्मी’ योजना’ है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में मुहर लग गई है। पीएम विद्यालक्ष्मी योजना केंद्र की मोदी सरकार की एक नई पहल है। जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले योग्य विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। छात्र सभी बैंकों में आवेदन प्रक्रिया का उपयोग करके एकीकृत “पीएम-विद्यालक्ष्मी” पोर्टल के माध्यम से ऋण और ब्याज लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं। ब्याज सहायता भुगतान ई-वाउचर और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट के माध्यम से संसाधित किए जाएंगे। ब्याज छूट सहायता हर साल एक लाख छात्रों को दी जाएगी। उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जो सरकारी संस्थानों से हैं और जिन्होंने टेक्निकल/प्रोफेशनल कोर्स का ऑप्शन चुना है। इस योजना पर सरकार वित्त वर्ष 2024-25 से 2030-31 के दौरान 3600 करोड़ रुपये खर्च करेगी और इस अवधि के दौरान 7 लाख नए छात्रों को इस ब्याज छूट का लाभ मिलने की उम्मीद है। नई योजना का उद्देश्य घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करना है। इस योजना में हर साल एक लाख छात्रों के लिए 3% ब्याज सब्सिडी और ई-वाउचर शामिल होंगे। इसकी घोषणा वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने केंद्रीय बजट भाषण में की थी। 101-200 रैंक वाले राज्य सरकार के संस्थान और सभी केंद्र सरकार के संस्थान भी पात्र हैं। एनआईआरएफ रैंकिंग के आधार पर वार्षिक अपडेट में वर्तमान में 860 क्यूएचईआई शामिल हैं, जिससे संभावित रूप से 22 लाख से अधिक छात्रों को लाभ होगा। 7.5 लाख रुपये तक के ऋण के लिए छात्रों को बकाया चूक पर 75% क्रेडिट गारंटी मिलेगी, जिससे बैंकों को इस योजना के तहत शैक्षिक ऋण प्रदान करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। क्रेडिट गारंटी मतलब, जब कोई छात्र लोन चुकाने में असमर्थ होगा तो ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा बनाया गया ट्रस्ट 75 फीसदी लोन अमाउंट को चुकाएगा। इससे बैंकों को योजना के तहत छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, ऐसे छात्र जिनकी सालाना पारिवारिक आय 8 लाख रुपये या इससे कम है और जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हैं, उन्हें मॉरेटोरियम पीरियड के दौरान 10 लाख रुपये तक के लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट भी प्रदान की जाएगी। ऐसे करें अप्लाई। विद्यालक्ष्मी योजना के तहत छात्रवृत्ति और एजुकेशन लोन से जुड़ी सभी जानकारी वेबसाइट vidyalakshmi.co.in/Students/ पर मिलेंगी। आप यहां लोन के लिए भी अप्लाय कर सकते हैं। इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन और फिर ऐप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। योजना से 13 बैंक जुड़े हैं जो 22 तरह के एजुकेशन लोन मुहैया कराते हैं। प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन करने के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। इसमें आवेदन पत्र, पहचान पत्र (आधार कार्ड या पासपोर्ट), आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), पता प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं और 12वीं की मार्कशीट) शामिल हैं।

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Author: AK

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